उत्तराखंड

खाट पर बैठे CM Dhami, किसान ने मेडिकल कॉलेज हेतु 70 बीघा जमीन दान की

CM Dhami sits on a cot, farmer donates 70 bighas of land for a medical college

हरिद्वार: श्यामपुर क्षेत्र के आर्यनगर (कांगड़ी) में आयोजित जन चौपाल कार्यक्रम में उस समय अलग ही तस्वीर देखने को मिली, जब उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ग्रामीणों के बीच पारंपरिक खाट पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनते नजर आए। ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री ने औपचारिक मंच की बजाय गांव के माहौल में लोगों के बीच बैठकर संवाद किया। ग्रामीणों ने उन्हें पारंपरिक पगड़ी पहनाकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कई शिकायतों का मौके पर ही समाधान करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।


सरकार सीधे जनता के द्वार

चौपाल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि 17 दिसंबर से शुरू हुए इस अभियान के तहत अब तक पांच लाख से अधिक शिकायतें दर्ज की जा चुकी हैं।

जनता की सक्रिय भागीदारी को देखते हुए अभियान की अवधि 20 दिनों के लिए और बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि बिजली, पानी, प्रमाण पत्र और विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान अब डोर-टू-डोर किया जा रहा है, ताकि लोगों को जिला मुख्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।


किसान जय सिंह की अनूठी पहल

कार्यक्रम का सबसे उल्लेखनीय क्षण तब आया जब झबरेड़ा विधानसभा क्षेत्र के डेलना गांव से आए किसान जय सिंह ने 70 बीघा जमीन दान करने की घोषणा की। उन्होंने मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्ताव रखा कि इस भूमि पर आधुनिक मेडिकल कॉलेज और खेल मैदान की स्थापना की जाए।

जय सिंह का कहना था कि क्षेत्र में पहले से आईटीआई और हाईस्कूल संचालित हैं, ऐसे में मेडिकल कॉलेज बनने से युवाओं को उच्च शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी। मुख्यमंत्री ने किसान के इस योगदान की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायक कदम बताया।


चारधाम यात्रा और कुंभ की तैयारियां

मुख्यमंत्री ने आगामी चारधाम यात्रा को लेकर भी जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष यात्रा अप्रैल से शुरू होगी और तीर्थयात्रियों की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

साथ ही हरिद्वार में प्रस्तावित कुंभ 2027 की तैयारियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि शासन स्तर पर प्रारंभिक बैठकें हो चुकी हैं और जल्द ही विस्तृत कार्ययोजना पर स्थानीय स्तर पर चर्चा की जाएगी।


अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई के निर्देश

चौपाल के दौरान प्राप्त कई आवेदनों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए, जबकि जटिल मामलों के लिए अधिकारियों को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने को कहा गया। कार्यक्रम में स्थानीय विधायक, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।

यह जन चौपाल केवल समस्याओं के समाधान का मंच नहीं रही, बल्कि सरकार और जनता के बीच सीधे संवाद का उदाहरण भी बनी। ग्रामीण परिवेश में मुख्यमंत्री की सादगी और संवाद शैली ने कार्यक्रम को खास बना दिया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button