Chardham Yatra 2026: 30 मार्च से पहले जारी होंगे ‘ग्रीन कार्ड’, अब QR कोड से होगा डिजिटल भुगतान, जानें नए नियम
Chardham Yatra 2026: 'Green Cards' to be issued before March 30, digital payments to be made through QR codes, learn new rules
उत्तराखंड की विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के आगाज में अब बस कुछ ही दिन शेष हैं। तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और सुगम यात्रा सुनिश्चित करने के लिए शासन-प्रशासन युद्ध स्तर पर तैयारियों में जुटा है। इसी कड़ी में परिवहन विभाग ने कमर्शियल वाहनों के लिए अनिवार्य ‘ग्रीन कार्ड’ (Green Card) जारी करने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया है। विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार, आगामी 30 मार्च से पहले ग्रीन कार्ड बनने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस बार विभाग ने डिजिटल इंडिया की दिशा में कदम बढ़ाते हुए शुल्क भुगतान के लिए क्यूआर कोड (QR Code) की सुविधा भी शुरू की है।
क्या होता है ‘ग्रीन कार्ड’ और क्यों है यह जरूरी?
चारधाम यात्रा के दौरान पहाड़ी और संकरे रास्तों पर वाहनों का संचालन एक बड़ी चुनौती होती है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग छोटे-बड़े सभी व्यावसायिक (Commercial) वाहनों के लिए ‘ग्रीन कार्ड’ अनिवार्य करता है।
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फिटनेस जांच: ग्रीन कार्ड जारी करने से पहले विभाग वाहन की मैकेनिकल फिटनेस, ब्रेक, टायर और इंजन की गहन जांच करता है।
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दस्तावेजों का सत्यापन: वाहन के बीमा, परमिट, प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) और चालक के लाइसेंस का सत्यापन होने के बाद ही यह कार्ड जारी किया जाता है।
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अनिवार्यता: बिना ग्रीन कार्ड के किसी भी व्यावसायिक वाहन को ऋषिकेश से आगे पहाड़ों पर जाने की अनुमति नहीं दी जाती है। चेक पोस्टों पर इसकी कड़ी निगरानी की जाएगी।
अब कैश की झंझट खत्म
इस साल की यात्रा में सबसे बड़ा बदलाव भुगतान प्रक्रिया में किया गया है। अभी तक ग्रीन कार्ड शुल्क जमा करने के लिए चालकों को अक्सर नकद भुगतान या लंबी कतारों का सामना करना पड़ता था। परिवहन विभाग ने इस बार QR Code Payment for Green Card की सुविधा शुरू की है।
एआरटीओ (प्रशासन) आरएस कटारिया ने बताया कि सॉफ्टवेयर में क्यूआर कोड के विकल्प को जोड़ने के लिए एनआईसी (NIC) की मदद से अपडेशन का काम लगभग पूरा हो चुका है। अब वाहन स्वामी या चालक मौके पर ही स्कैन करके शुल्क जमा कर सकेंगे, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी और समय की बचत होगी।
क्यों हुई प्रक्रिया में देरी?
पहले परिवहन विभाग ने 23 मार्च से ही ग्रीन कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा था, लेकिन डिजिटल भुगतान और सॉफ्टवेयर अपडेट के कारण इसे कुछ दिनों के लिए टाल दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि सॉफ्टवेयर में क्यूआर कोड इंटीग्रेशन और डेटा सुरक्षा को पुख्ता करने में थोड़ा समय लगा। अब जबकि टेस्टिंग पूरी हो चुकी है, 30 मार्च से पहले यह सुविधा सुचारू रूप से शुरू कर दी जाएगी।
चेक पोस्टों पर होगी कड़ी निगरानी
चारधाम यात्रा मार्ग के प्रवेश द्वारों, विशेषकर ऋषिकेश, मुनि की रेती और भद्रकाली चेक पोस्ट पर परिवहन विभाग की टीमें तैनात रहेंगी। ग्रीन कार्ड की जांच के लिए इस बार मोबाइल ऐप का भी सहारा लिया जाएगा। यदि कोई वाहन बिना वैध ग्रीन कार्ड के पकड़ा जाता है, तो उस पर भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ वाहन को सीज करने की कार्रवाई भी की जा सकती है। यह कदम पहाड़ी रास्तों पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उठाया गया है।
वाहन स्वामियों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों से अपील की है कि वे अंतिम समय की भीड़ से बचने के लिए समय पर आवेदन करें।
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मैकेनिकल चेकअप: कार्ड के लिए आवेदन करने से पहले अपने वाहन की सर्विसिंग ऑथोराइज्ड सेंटर से करा लें।
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दस्तावेज तैयार रखें: सुनिश्चित करें कि आपके सभी सरकारी दस्तावेज अपडेटेड हैं।
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ऑनलाइन स्लॉट: विभाग ऑनलाइन स्लॉट बुकिंग की सुविधा भी प्रदान कर रहा है ताकि निरीक्षण केंद्र पर भीड़ न हो।
यात्रा की तैयारियों पर एक नजर
उत्तराखंड सरकार इस बार रिकॉर्ड तोड़ श्रद्धालुओं के आने की उम्मीद कर रही है। ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया सरल होने से यात्रा के लॉजिस्टिक्स और परिवहन व्यवस्था में सुधार होगा। परिवहन विभाग के साथ-साथ लोक निर्माण विभाग (PWD) और पुलिस विभाग भी यात्रा रूट पर साइन बोर्ड, क्रैश बैरियर और पार्किंग व्यवस्था को अंतिम रूप दे रहे हैं।
ग्रीन कार्ड प्रक्रिया का संक्षिप्त विवरण:
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
| प्रक्रिया शुरू होने की तिथि | 30 मार्च 2026 से पहले |
| भुगतान का माध्यम | नकद, कार्ड और QR कोड |
| अनिवार्य वाहन श्रेणी | सभी व्यावसायिक (Taxi, Bus, Max) |
| प्रमुख जांच बिंदु | वाहन फिटनेस और वैध दस्तावेज |
| मुख्य नोडल एजेंसी | उत्तराखंड परिवहन विभाग |

