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अमेरिकी कार्रवाई से बदला बाजार का रुख, रिलायंस इंडस्ट्रीज की वैल्यूएशन में 10 मिनट में ₹25 हजार करोड़ का उछाल

The market sentiment changed following the US action, leading to a ₹25,000 crore surge in Reliance Industries' valuation in just 10 minutes.

नई दिल्ली: वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव तेज हो गया है। इस घटनाक्रम का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों और ऊर्जा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों पर देखने को मिला। भारत में भी शेयर बाजार ने इस घटनाक्रम पर तुरंत प्रतिक्रिया दी, जहां तेल और गैस सेक्टर की कंपनियों के शेयरों में जोरदार तेजी दर्ज की गई। इस उछाल का सबसे बड़ा फायदा मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज को हुआ, जिसने कुछ ही मिनटों में रिकॉर्ड बना दिया।

रिलायंस के शेयरों ने छुआ नया शिखर

सोमवार को बाजार खुलते ही रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में मजबूत खरीदारी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में ही कंपनी का शेयर 1 प्रतिशत से अधिक चढ़कर 1611.20 रुपये तक पहुंच गया, जो इसका 52 सप्ताह का उच्चतम स्तर है। निवेशकों के बीच कंपनी को लेकर भरोसा इतना मजबूत रहा कि कुछ ही मिनटों में शेयर ने नया रिकॉर्ड कायम कर लिया।

करीब 10:30 बजे रिलायंस का शेयर 0.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ 1598.30 रुपये पर कारोबार कर रहा था। गौर करने वाली बात यह है कि शेयर ने दिन की शुरुआत लगभग सपाट स्तर पर की थी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम के चलते इसमें तेजी आ गई। पिछले एक साल में रिलायंस के शेयरों ने लगभग 27 प्रतिशत का रिटर्न दिया है।

10 मिनट में बढ़ी ₹25 हजार करोड़ की वैल्यू

रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में आई इस तेजी का असर सीधे कंपनी की बाजार पूंजीकरण पर पड़ा। महज 10 मिनट के भीतर कंपनी की वैल्यूएशन में 25 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का इजाफा हो गया। पिछले कारोबारी सत्र में रिलायंस का मार्केट कैप करीब 21.55 लाख करोड़ रुपये था, जो तेजी के साथ बढ़कर लगभग 21.80 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस तरह कुछ ही मिनटों में निवेशकों की संपत्ति में बड़ा इजाफा देखने को मिला।

तेल सेक्टर में क्यों आई मजबूती

विशेषज्ञों का कहना है कि वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई के बाद वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई है। वेनेजुएला दुनिया के प्रमुख तेल उत्पादक देशों में शामिल है और वहां किसी भी तरह की अस्थिरता का असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ता है। ऐसे हालात में रिफाइनिंग और ऊर्जा कंपनियों को बेहतर मार्जिन मिलने की उम्मीद रहती है, जिससे उनके शेयरों में तेजी आती है।

सरकारी तेल कंपनियों में भी उछाल

रिलायंस के साथ-साथ सरकारी तेल कंपनियों के शेयरों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। ओएनजीसी के शेयरों में करीब 2 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त दर्ज की गई। वहीं ऑयल इंडिया, इंडियन ऑयल, एचपीसीएल जैसी कंपनियों के शेयर भी मजबूती के साथ कारोबार करते नजर आए। निवेशकों को उम्मीद है कि कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से इन कंपनियों की आय पर सकारात्मक असर पड़ सकता है।

आगे क्या कहते हैं जानकार

बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल तेल और ऊर्जा सेक्टर पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी। हालांकि वे यह भी चेतावनी दे रहे हैं कि भू-राजनीतिक तनाव के चलते बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। आने वाले दिनों में अमेरिका-वेनेजुएला संबंधों और अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों की दिशा तय करेगी कि यह तेजी कितनी टिकाऊ साबित होती है।

कुल मिलाकर, अमेरिकी कार्रवाई से उपजे वैश्विक तनाव ने भारतीय शेयर बाजार में ऊर्जा कंपनियों को नया बल दिया है, जिसमें रिलायंस इंडस्ट्रीज सबसे आगे दिखाई दे रही है।

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