हल्द्वानी: उत्तराखंड में लंबे समय से प्रतीक्षित कैबिनेट विस्तार को लेकर अब तस्वीर साफ होती नजर आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार अप्रैल के पहले सप्ताह, यानी नवरात्रों के दौरान कैबिनेट विस्तार कर सकती है। इस प्रक्रिया के तहत न केवल नए मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी, बल्कि पार्टी संगठन से जुड़े कुछ वरिष्ठ नेताओं को भी महत्वपूर्ण दायित्व सौंपे जाने की संभावना है।
कैबिनेट विस्तार पर बनी सहमति
बीते कुछ महीनों से राज्य में कैबिनेट विस्तार को लेकर लगातार चर्चा हो रही थी, लेकिन इसे लेकर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया था। हाल ही में उत्तराखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने भी इशारा दिया था कि राज्य में जल्द ही कैबिनेट विस्तार होगा। अब प्रदेश महामंत्री राजेंद्र सिंह बिष्ट ने भी पुष्टि की है कि इस मुद्दे पर केंद्रीय नेतृत्व के साथ कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं और नए मंत्रियों की सूची लगभग फाइनल कर ली गई है।
पांच पद खाली, बढ़ा कार्यभार
प्रेमचंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद उत्तराखंड सरकार में मंत्रियों के पांच पद रिक्त हो गए हैं। इससे मौजूदा मंत्रियों पर अतिरिक्त जिम्मेदारियां बढ़ गई हैं, और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं कई विभागों का कार्यभार संभाल रहे हैं। खाली पड़े मंत्रिपदों की वजह से प्रशासनिक संतुलन प्रभावित हो रहा है, जिससे सरकार पर जल्द से जल्द विस्तार करने का दबाव बढ़ गया है।
नए चेहरों को मिल सकती है जगह
जानकारी के अनुसार, इस बार कैबिनेट विस्तार में कुछ अनुभवी नेताओं के साथ-साथ नए चेहरों को भी मौका दिया जा सकता है। सरकार क्षेत्रीय और जातीय संतुलन बनाए रखते हुए आगामी लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखकर मंत्रियों की नियुक्ति कर सकती है। पार्टी संगठन से जुड़े कुछ नेताओं को भी महत्वपूर्ण पदों की जिम्मेदारी दी जा सकती है।
नवरात्रों में शपथ ग्रहण की संभावना
बीजेपी नेतृत्व इस प्रक्रिया को जल्द पूरा करना चाहता है और नवरात्रों को शुभ समय मानते हुए इस दौरान नए मंत्रियों को शपथ दिलाने की योजना बना रहा है। उम्मीद है कि इस विस्तार से सरकार की कार्यक्षमता बढ़ेगी और चुनावी तैयारियों को भी मजबूती मिलेगी।
अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि धामी कैबिनेट में किन नए चेहरों को जगह मिलेगी और इस बदलाव से उत्तराखंड की राजनीति पर क्या असर पड़ेगा।

