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बसंत पंचमी 2025: हरिद्वार में श्रद्धालुओं का सैलाब, हरकी पैड़ी पर गंगा स्नान का पुण्य लाभ

Basant Panchami 2025: A flood of devotees in Haridwar, the holy benefits of bathing in the Ganges at Har Ki Pauri

गंगा स्नान से मिलेगी मोक्ष की प्राप्ति, मां सरस्वती और लक्ष्मी की विशेष कृपा

हरिद्वार: बसंत पंचमी के पावन अवसर पर हरिद्वार के हरकी पैड़ी पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। इस शुभ दिन पर गंगा स्नान करने से नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है और भक्तों को अश्वमेध यज्ञ के समान पुण्य फल प्राप्त होता है। शास्त्रों के अनुसार, बसंत पंचमी के दिन दान, यज्ञ और पूजा करने से कई हजार गुना अधिक फल मिलता है।

बसंत पंचमी: ऋतु परिवर्तन और शुभ संस्कारों का पर्व

बसंत पंचमी केवल आध्यात्मिक नहीं, बल्कि प्राकृतिक परिवर्तन का भी प्रतीक है। इस दिन से गर्मी का आगमन प्रारंभ हो जाता है। वहीं, यह दिन विद्यारंभ संस्कार, जनेऊ संस्कार और मुंडन संस्कार के लिए भी अत्यंत शुभ माना जाता है। कलाकारों और विद्वानों के लिए भी यह दिन विशेष पुण्यकारी होता है।

गंगा स्नान से दूर होंगे कष्ट, मिलेगा देवी-देवताओं का आशीर्वाद

 

श्रद्धालुओं का मानना है कि इस दिन गंगा स्नान करने से जीवन के समस्त कष्ट दूर हो जाते हैं और देवी सरस्वती एवं लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। पुराणों में वर्णित है कि इस दिन जो व्यक्ति विद्यारंभ करता है, वह ज्ञान और सफलता के पथ पर अग्रसर होता है।

प्राचीन काल से विशेष महत्व, राजा भोज और विक्रमादित्य के समय होती थीं विद्वानों की प्रतियोगिताएं

पंडित शक्तिधर शास्त्री ने बताया कि विक्रमादित्य और राजा भोज के समय बसंत पंचमी पर ज्ञान-विज्ञान की वृद्धि के लिए विद्वानों की वाद-विवाद प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती थीं। इस दिन पंचक संख्यक नक्षत्र का विशेष योग बनता है, जिससे किए गए शुभ कार्यों का फल हजारों गुना प्राप्त होता है।

हरिद्वार में उमड़ा श्रद्धालुओं का जनसैलाब, आध्यात्मिक ऊर्जा से गूंजा वातावरण

हरिद्वार में बसंत पंचमी पर्व पर भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा है। हरकी पैड़ी पर गंगा में आस्था की डुबकी लगाने के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचे हैं। वातावरण में भक्तिमय मंत्रोच्चार और मां सरस्वती के जयकारों की गूंज सुनाई दे रही है।

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