आदि कैलास यात्रा 2026 की शुरुआत,1 मई से खुलेगा शिवधाम, 28 अप्रैल से मिलेंगे परमिट
Launch of the Adi Kailash Yatra 2026: Shivdham to Open on May 1st, Permits Available from April 28th.
उत्तराखंड के सीमांत जनपद पिथौरागढ़ में स्थित पवित्र आदि कैलास और ऊं पर्वत दर्शन यात्रा इस वर्ष 1 मई 2026 से विधिवत शुरू होने जा रही है। हिमालय की गोद में बसे इस शिवधाम को भगवान शिव का दिव्य स्वरूप माना जाता है, जहां हर साल हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इस बार भी यात्रा को लेकर प्रशासन ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और यादगार अनुभव मिल सके।
यात्रा की शुरुआत 1 मई को ज्योलिंगकांग स्थित शिव मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के साथ होगी। इस दिन विधि-विधान से कपाट खोले जाएंगे और श्रद्धालुओं के लिए दर्शन प्रारंभ हो जाएंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन भगवान शिव के दर्शन करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है।
28 अप्रैल से शुरू होगी Inner Line Permit की प्रक्रिया
आदि कैलास यात्रा में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं को इनर लाइन परमिट (Inner Line Permit) लेना अनिवार्य होता है। प्रशासन ने इस बार 28 अप्रैल से परमिट जारी करने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। पहले यह प्रक्रिया 1 मई से शुरू होने वाली थी, लेकिन श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इसे पहले शुरू किया जा रहा है।
श्रद्धालु ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं, जबकि परमिट धारचूला उपजिलाधिकारी कार्यालय से जारी किए जाएंगे। प्रशासन का उद्देश्य है कि यात्रा शुरू होने से पहले ही सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी हो जाएं, जिससे किसी भी प्रकार की अव्यवस्था से बचा जा सके।
प्रशासन ने शुरू की व्यापक तैयारियां
जिलाधिकारी आशीष भटगाई की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में यात्रा से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में अधिकारियों, होटल व्यवसायियों और स्थानीय व्यापारियों ने भाग लिया।
प्रशासन ने सीमा सड़क संगठन (BRO) को निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्ग पर सभी बाधाओं को समय रहते दूर किया जाए और सड़क किनारे क्रश बैरियर लगाए जाएं, जिससे यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। इसके अलावा यात्रा मार्ग पर एंबुलेंस की तैनाती भी की जाएगी, ताकि किसी भी आपात स्थिति से निपटा जा सके।
स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विशेष ध्यान
उच्च हिमालयी क्षेत्र में होने वाली इस यात्रा को देखते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं पर विशेष जोर दिया गया है। धारचूला, गुंजी और जिला मुख्यालय में स्वास्थ्य जांच केंद्र स्थापित किए जाएंगे। श्रद्धालुओं की नियमित जांच की जाएगी ताकि ऊंचाई से जुड़ी समस्याओं से बचा जा सके।
इसके अलावा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) से भी अनुरोध किया गया है कि प्रत्येक चेकपोस्ट पर मेडिकल स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की जाए। इससे यात्रा के दौरान किसी भी स्वास्थ्य आपात स्थिति में तुरंत सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी।
मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के निर्देश
यात्रा मार्ग में मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त करने के लिए संबंधित विभागों को निर्देश जारी किए गए हैं। जल संस्थान और विद्युत विभाग को कहा गया है कि यात्रा शुरू होने से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी कर ली जाएं।
संचार विभाग को मोबाइल नेटवर्क को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों में भी यात्रियों को संपर्क में रहने में परेशानी न हो। वहीं जिला पंचायत को गुंजी क्षेत्र में अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है।
पहले होगी व्यवस्थाओं की ग्राउंड जांच
यात्रा शुरू होने से पहले प्रशासन की एक टीम अपर जिलाधिकारी के नेतृत्व में गुंजी और आसपास के क्षेत्रों का दौरा करेगी। इस दौरान सभी व्यवस्थाओं का भौतिक सत्यापन किया जाएगा, ताकि किसी भी कमी को समय रहते दूर किया जा सके।
यह कदम इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम और भौगोलिक परिस्थितियां अचानक बदल सकती हैं, जिससे यात्रा प्रभावित हो सकती है।
भारत-चीन व्यापार को लेकर भी हुई चर्चा
आदि कैलास यात्रा के साथ ही इस क्षेत्र में भारत-चीन व्यापार भी एक महत्वपूर्ण गतिविधि है, जो हर साल 1 जून से शुरू होता है। इसे लेकर भी प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
बैठक में शामिल व्यापारियों ने चीन की नई मंडी में शेड और गोदाम की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि व्यापार स्थल के स्थानांतरण के बाद उन्हें नई जगह पर पर्याप्त सुविधाएं नहीं मिल रही हैं।
व्यापारियों की प्रमुख मांगें
व्यापारियों ने प्रशासन के सामने कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं, जिनमें गुंजी में क्वारंटाइन सेंटर की स्थापना, ट्रेड ऑफिस और कस्टम ऑफिस खोलना शामिल है। इसके अलावा उन्होंने व्यापार की अवधि 31 अक्टूबर से बढ़ाकर 30 नवंबर करने की मांग भी की।
हिमपात के दौरान सीमा को जोड़ने वाली सड़कों को जल्द खोलने की मांग भी व्यापारियों ने उठाई, ताकि व्यापार गतिविधियों में बाधा न आए।
श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सलाह
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे यात्रा पर निकलने से पहले सभी जरूरी दस्तावेज और स्वास्थ्य जांच अवश्य करवा लें। मौसम की जानकारी लेकर ही यात्रा शुरू करें और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। आदि कैलास यात्रा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि साहस और धैर्य की भी परीक्षा होती है। ऐसे में सावधानी और तैयारी के साथ यात्रा करना बेहद जरूरी है।



