उत्तराखंड

सावन में केदारनाथ धाम में श्रद्धा का सैलाब: कांवड़ियों की भीड़, प्रशासन मुस्तैद

A flood of faith in Kedarnath Dham in Sawan: Crowd of Kanwariyas, administration on alert

रुद्रप्रयाग/केदारनाथ: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में स्थित पवित्र केदारनाथ धाम में सावन मास की शुरुआत के साथ ही आस्था की लहर उमड़ पड़ी है। सोमवार 15 जुलाई को देशभर से आए हजारों श्रद्धालुओं और कांवड़ियों ने बाबा केदार के दर्शन किए और जलाभिषेक किया। पवित्र गंगाजल लेकर पहुंचे कांवड़ यात्री धाम की गलियों में “हर-हर महादेव” के जयघोष के साथ श्रद्धा का माहौल बना रहे हैं।

13.35 लाख श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस बार की यात्रा बेहद सफल रही है। अब तक 13 लाख 35 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं। यह आंकड़ा सावन में और तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। कोविड के बाद पहली बार यात्रा अपने पूरे जोश और व्यवस्था के साथ संपन्न होती दिख रही है।

सावन में केदारनाथ की विशेष महत्ता

केदारनाथ द्वादश ज्योतिर्लिंगों में शामिल है और सावन मास में भगवान शिव की विशेष पूजा की जाती है। तीर्थ पुरोहित संतोष त्रिवेदी के अनुसार इस महीने बाबा को ब्रह्म कमल अर्पण करना, जलाभिषेक और उपवास रखना विशेष पुण्यदायी होता है। यही कारण है कि देशभर के शिवभक्त इस समय हिमालय के इस धाम की ओर रुख कर रहे हैं।

कांवड़ियों का उत्साह, यात्रा में रौनक

कांवड़ लेकर पहुंचे शिवभक्त सुबह से ही कतारों में लगकर बाबा के दर्शन को आतुर हैं। यह नजारा पूरी यात्रा को उत्सव का रूप दे रहा है। स्थानीय दुकानदारों, धर्मशालाओं और लंगरों में भी चहल-पहल लौट आई है।

मौसम ने दी राहत, मार्ग सुचारु

हाल ही में भारी बारिश के कारण केदारनाथ यात्रा बाधित हुई थी। सोनप्रयाग से गौरीकुंड और केदारनाथ पैदल मार्ग पर भूस्खलन से आवाजाही प्रभावित थी। हालांकि बीते दो दिनों से मौसम साफ है और धूप निकलने से यात्रा मार्गों को बहाल कर दिया गया है। इससे तीर्थयात्रियों को अब बिना रुकावट दर्शन का अवसर मिल रहा है।

सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर खास फोकस

प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल, SDRF और ITBP की टीमें संवेदनशील स्थलों पर तैनात की हैं। हेल्प डेस्क, मेडिकल पोस्ट और CCTV निगरानी से यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा रहा है। मौसम विभाग के अलर्ट को ध्यान में रखते हुए उच्च क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है।

भविष्य की तैयारियां भी तेज

सावन के शेष दिनों और आगामी रक्षाबंधन तक बढ़ने वाली श्रद्धालु संख्या को देखते हुए प्रशासन ने हेलीकॉप्टर सेवाओं, चिकित्सा आपात व्यवस्थाओं और डिजिटल ट्रैकिंग को सुदृढ़ करने की योजना तैयार की है। जल, भोजन और शौचालय जैसे बुनियादी सुविधाओं को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है।

सावन के पवित्र महीने में बाबा केदारनाथ की यात्रा भक्ति, अनुशासन और व्यवस्था का अनूठा संगम बन गई है। कठिन पर्वतीय मार्ग और मौसम की चुनौतियों के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था अविचल है। प्रशासन की सतर्कता और श्रद्धालुओं की श्रद्धा से यह यात्रा एक आदर्श धार्मिक आयोजन के रूप में सामने आ रही है।

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