SIR विवाद पर सीएम धामी का कांग्रेस पर निशाना, बोले- मतदाता सूची में पारदर्शिता जरूरी
CM Dhami targets Congress over SIR controversy, says transparency is necessary in voter list
कांग्रेस के विरोध पर क्या बोले सीएम धामी?
पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि मतदाता सूचियों का पुनरीक्षण कोई नई प्रक्रिया नहीं है। पहले भी चुनावों के दौरान मतदाता सूचियों को अपडेट किया जाता रहा है। ऐसे में अब इस प्रक्रिया पर सवाल उठाना कांग्रेस के रवैये में विरोधाभास दिखाता है।
उन्होंने कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों पर राजनीतिक कारणों से SIR का विरोध करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष को किसी भी संवैधानिक प्रक्रिया पर सवाल उठाने से पहले तथ्यों और अपने पुराने रुख पर भी विचार करना चाहिए।
मतदाता सूची को दुरुस्त करना SIR का उद्देश्य
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मतदाता सूची की शुद्धता लोकतांत्रिक व्यवस्था का अहम हिस्सा है। SIR के माध्यम से सूची में मौजूद त्रुटियों को दूर करने और पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाता है।
उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग को एक संवैधानिक संस्था बताते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और विश्वसनीयता बनाए रखना उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। धामी के अनुसार, ऐसी प्रक्रियाओं को लेकर जनता के बीच अनावश्यक संदेह पैदा करने के बजाय तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए।
कांग्रेस पर राजनीतिक हताशा का आरोप
सीएम धामी ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन के विरोध को उनकी राजनीतिक स्थिति से जोड़ते हुए कहा कि विपक्ष विकास और सुशासन से जुड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने में असफल होने के कारण संवैधानिक प्रक्रियाओं पर विवाद खड़ा कर रहा है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का जिक्र करते हुए कहा कि देश विकास और राष्ट्रहित के लक्ष्य के साथ आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने के लिए जनहित से जुड़े विषयों पर भी भ्रम की स्थिति पैदा कर रही है।
लोकतंत्र में विरोध की भूमिका पर भी रखी बात
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में सरकार और उसकी नीतियों का विरोध करना राजनीतिक दलों का अधिकार है। हालांकि, उनके मुताबिक, विरोध तथ्यों पर आधारित होना चाहिए। संवैधानिक संस्थाओं और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति जनता का भरोसा कमजोर करने से बचना चाहिए।
उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि वह SIR के मुद्दे पर भ्रम फैलाने के बजाय तथ्यों के आधार पर अपनी बात रखे। SIR को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद जारी हैं। मुख्यमंत्री धामी ने इस प्रक्रिया का समर्थन करते हुए इसे मतदाता सूची को दुरुस्त करने की कवायद बताया है। वहीं, विपक्ष के विरोध और उसकी आपत्तियों पर राजनीतिक बहस आगे भी जारी रहने की संभावना है।


