BC Khanduri Death: भुवन चंद्र खंडूड़ी का निधन, भावुक हुए मनीष, ऋतु खंडूड़ी बोलीं- आज जो हूं, पापा की वजह से हूं
उत्तराखंड की राजनीति में ईमानदारी, अनुशासन और सादगी की मिसाल माने जाने वाले पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री मेजर जनरल (सेवानिवृत्त) भुवन चंद्र खंडूड़ी अब हमारे बीच नहीं रहे। BC Khanduri Death की खबर ने पूरे प्रदेश ही नहीं, देशभर को भावुक कर दिया है। देहरादून के मैक्स अस्पताल में 91 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ। उनके निधन के बाद देहरादून के बसंत विहार स्थित आवास पर नेताओं, अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों का तांता लगा रहा।
इस दौरान सबसे भावुक दृश्य तब देखने को मिला जब उनके बेटे मनीष खंडूड़ी और बेटी ऋतु खंडूड़ी ने अपने पिता को याद करते हुए दिल छू लेने वाली बातें साझा कीं। दोनों ने कहा कि वे खुद को सौभाग्यशाली मानते हैं कि उन्हें भुवन चंद्र खंडूड़ी जैसे पिता का सान्निध्य मिला।
मनीष खंडूड़ी बोले- मैंने उन्हें केवल सुना नहीं, जिया है
BC Khanduri Death के बाद मीडिया से बात करते हुए उनके पुत्र मनीष खंडूड़ी बेहद भावुक नजर आए। उन्होंने कहा, “यह मेरा सौभाग्य है कि भुवन चंद्र खंडूड़ी मेरे पिता थे। लोग उनके बारे में बातें करते हैं, लेकिन मैंने उन्हें करीब से जिया है।”
मनीष ने बताया कि दुनिया उन्हें अनुशासित और सख्त व्यक्तित्व के रूप में जानती थी, लेकिन परिवार के लिए वे बेहद संवेदनशील और कोमल हृदय वाले इंसान थे। उन्होंने कहा कि बचपन में पिता का अनुशासन कठोर लगता था, लेकिन उम्र और अनुभव के साथ समझ आया कि उनका हर निर्णय बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए था।
मनीष खंडूड़ी ने कहा, “ऐसे व्यक्तित्व इस दुनिया में बहुत कम आते हैं। मैं अपने पिता को देवता मानता हूं।” उनकी यह बात सुनकर वहां मौजूद कई लोगों की आंखें नम हो गईं।
ऋतु खंडूड़ी ने कहा- मेरे जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा थे पिता
उत्तराखंड विधानसभा अध्यक्ष और भुवन चंद्र खंडूड़ी की बेटी ऋतु खंडूड़ी ने भी अपने पिता को याद करते हुए कहा कि आज वे जो कुछ भी हैं, अपने पिता की वजह से हैं।
उन्होंने कहा कि बचपन से ही पिता ने उन्हें अनुशासन, ईमानदारी और राष्ट्रभक्ति के संस्कार दिए। ऋतु ने बताया कि उनके पिता हमेशा कहा करते थे, जो जिम्मेदारी मिले, उसे पूरी निष्ठा और ईमानदारी से निभाओ।
BC Khanduri Death ने ऋतु खंडूड़ी को गहरे भावनात्मक रूप से झकझोर दिया है। उन्होंने कहा कि उनके पिता केवल परिवार के मुखिया नहीं थे, बल्कि एक मार्गदर्शक, शिक्षक और आदर्श भी थे।
मुख्यमंत्री धामी ने घर पहुंचकर दी श्रद्धांजलि
मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने छत्तीसगढ़ दौरे से लौटते ही सीधे देहरादून के बसंत विहार स्थित आवास पहुंचकर भुवन चंद्र खंडूड़ी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने दिवंगत नेता को नमन करते हुए कहा कि उनका जीवन राष्ट्रसेवा, अनुशासन और पारदर्शी प्रशासन का आदर्श उदाहरण रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि BC Khanduri Death उत्तराखंड के लिए अपूरणीय क्षति है। उन्होंने राज्य के विकास और सुशासन को मजबूत आधार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके दूरदर्शी निर्णयों का लाभ आज भी प्रदेश को मिल रहा है।
आम जनता के नेता थे भुवन चंद्र खंडूड़ी
भुवन चंद्र खंडूड़ी की पहचान केवल एक राजनेता के रूप में नहीं थी। वे उन नेताओं में गिने जाते थे जिन्होंने सेना से लेकर राजनीति तक हर जिम्मेदारी को ईमानदारी और अनुशासन के साथ निभाया।
भारतीय सेना में लगभग 36 वर्षों तक सेवा देने के बाद उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया। सांसद, केंद्रीय मंत्री और मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने सादगी और साफ-सुथरी राजनीति की नई मिसाल कायम की।
BC Khanduri Death ने उत्तराखंड की उस राजनीतिक परंपरा को झकझोर दिया है, जहां व्यक्तिगत ईमानदारी और सार्वजनिक जीवन की सादगी को सर्वोच्च मूल्य माना जाता था।
अंतिम दर्शन के लिए उमड़ा जनसैलाब
देहरादून स्थित उनके निवास पर अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। भाजपा, कांग्रेस और अन्य दलों के नेताओं के साथ-साथ आम नागरिकों ने भी उन्हें श्रद्धांजलि दी।
राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर सभी दलों के नेताओं ने स्वीकार किया कि भुवन चंद्र खंडूड़ी जैसे ईमानदार और अनुशासित नेता बहुत कम होते हैं।
एक युग का अंत
BC Khanduri Death केवल एक वरिष्ठ नेता के निधन की खबर नहीं है, बल्कि उत्तराखंड की राजनीति के एक स्वर्णिम अध्याय का समापन है। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा। मनीष खंडूड़ी के शब्द, मैं भाग्यशाली हूं कि वे मेरे पिता थे, और ऋतु खंडूड़ी की भावना, आज जो हूं, पापा की वजह से हूं, यह दर्शाती है कि भुवन चंद्र खंडूड़ी केवल एक नेता नहीं, बल्कि एक आदर्श पिता, सच्चे देशभक्त और असाधारण व्यक्तित्व थे। उनकी सादगी, ईमानदारी और अनुशासन की विरासत उत्तराखंड ही नहीं, पूरे देश को लंबे समय तक प्रेरित करती रहेगी।



