उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में अचानक बदले मौसम ने भारी तबाही मचा दी है। Bageshwar Weather Damage के चलते धूर और सोराग क्षेत्र में हुई तेज ओलावृष्टि ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया। पिछले दो दिनों से जारी खराब मौसम ने जहां आम जनजीवन को प्रभावित किया है, वहीं कृषि कार्यों पर भी गहरा असर पड़ा है।
बुधवार दोपहर करीब एक बजे अचानक आसमान में काले बादल छा गए और देखते ही देखते तेज हवाओं के साथ ओलों की बारिश शुरू हो गई। करीब एक घंटे तक चली इस ओलावृष्टि ने खेतों में खड़ी सब्जी फसलों को पूरी तरह बर्बाद कर दिया।
सब्जी फसलों को भारी नुकसान, किसानों की मेहनत बेकार
Bageshwar Weather Damage का सबसे ज्यादा असर सब्जी उत्पादकों पर पड़ा है। प्याज, आलू, धनिया और बेल वाली सब्जियों जैसे कद्दू, लौकी और तुरई की फसलें ओलों की मार से पूरी तरह नष्ट हो गई हैं।
स्थानीय किसान गंगा सिंह दानू, राम सिंह दानू, प्रमोद सिंह और किशन सिंह ने बताया कि उन्होंने तीन महीने की मेहनत से फसल तैयार की थी, लेकिन महज एक घंटे की ओलावृष्टि ने सब कुछ खत्म कर दिया।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि नुकसान का सही आकलन कर उन्हें जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए। उनका कहना है कि यदि समय पर सहायता नहीं मिली तो आर्थिक संकट और गहरा सकता है।
गेहूं कटाई और शादी सीजन पर भी असर
इस समय पहाड़ी क्षेत्रों में गेहूं की कटाई और मढ़ाई का काम जोरों पर चल रहा था, लेकिन Bageshwar Weather Damage के चलते यह कार्य भी प्रभावित हो गया है। लगातार बारिश और ओलावृष्टि के कारण खेतों में काम करना मुश्किल हो गया है।
इसके अलावा शादी-विवाह का सीजन भी चरम पर है। ऐसे में मौसम की बेरुखी ने लोगों की परेशानियां और बढ़ा दी हैं। कई कार्यक्रमों में बाधा आई है और आवाजाही भी प्रभावित हुई है।
तापमान में गिरावट, ठंड का अहसास
बदलते मौसम के चलते जिले के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार को न्यूनतम तापमान 11 डिग्री और अधिकतम 18 डिग्री सेल्सियस रहा।
Bageshwar Weather Damage के बीच अचानक आई ठंड ने लोगों को एक बार फिर गर्म कपड़ों का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों में यह बदलाव असामान्य तो नहीं, लेकिन इस बार इसका असर ज्यादा व्यापक देखने को मिला है।
आंधी-तूफान से 80 गांवों में बिजली गुल
केवल फसलें ही नहीं, बल्कि बुनियादी सुविधाएं भी इस मौसम की मार से अछूती नहीं रहीं। तेज आंधी-तूफान और बारिश के बाद Bageshwar Weather Damage के कारण जिले के 80 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई।
मंगलवार देर शाम आए तूफान के बाद शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक रातभर बिजली गुल रही। कई जगहों पर बुधवार सुबह तक भी आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शहर से गांव तक अंधेरे में गुजरी रात
नगर क्षेत्र के कांडा रोड, दुग बाजार, ठाकुरद्वारा वार्ड, मंडलसेरा, पिंडारी रोड और राम मंदिर इलाके सहित कई स्थानों पर लोगों ने बिजली न होने की शिकायत की।
स्थानीय निवासियों ने बताया कि रातभर अंधेरे में समय बिताना पड़ा। कुछ क्षेत्रों में तो रात तीन बजे से ही बिजली गुल हो गई थी। Bageshwar Weather Damage का असर इतना व्यापक रहा कि शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में जनजीवन ठप हो गया।
पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित
मंडलसेरा क्षेत्र में बिजली बाधित होने के कारण पंपिंग व्यवस्था भी ठप हो गई, जिससे पेयजल संकट गहरा गया।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पंपिंग सिस्टम बंद होने से पानी की आपूर्ति रुक गई है और संबंधित विभाग की ओर से समय पर समाधान नहीं किया गया। Bageshwar Weather Damage के कारण अब लोगों को पानी की समस्या का भी सामना करना पड़ रहा है।
बिजली ढांचे को भारी नुकसान
यूपीसीएल के अधिकारियों के अनुसार, आंधी-तूफान के कारण कई जगहों पर विद्युत लाइनों को नुकसान पहुंचा है। करीब 20 बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे विभाग को लगभग पांच लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
दुगनाकुरी और कांडा तहसील क्षेत्र में बिजली लाइनों पर पेड़ गिरने से आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। Bageshwar Weather Damage के चलते मरम्मत कार्य में भी मुश्किलें आ रही हैं, क्योंकि गीले पोलों पर चढ़ना लाइनमैन के लिए जोखिम भरा है।
प्रशासन ने शुरू किया नुकसान का आकलन
जिला आपदा अधिकारी शिखा सुयाल ने बताया कि राजस्व विभाग को ओलावृष्टि से हुए नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। किसानों को फसल बीमा योजना के तहत मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि Bageshwar Weather Damage से प्रभावित सभी क्षेत्रों में सर्वे कर जल्द राहत पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
लोगों से संयम बनाए रखने की अपील
बिजली विभाग और प्रशासन ने लोगों से संयम बनाए रखने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि मरम्मत कार्य तेजी से चल रहा है और जल्द ही सभी क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।
कुल मिलाकर, Bageshwar Weather Damage ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम की मार कितनी गंभीर हो सकती है। किसानों से लेकर आम लोगों तक, हर कोई इस प्राकृतिक आपदा के असर से जूझ रहा है और अब सभी की नजरें राहत और सुधार कार्यों पर टिकी हुई हैं।

