Dehradun Nightclub Firing Case: नम आंखों से रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी को अंतिम विदाई, परिजनों से मिले सीएम धामी!
Dehradun Nightclub Firing Case: Retired Brigadier Mukesh Joshi bid a tearful farewell, CM Dhami met his family.
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के राजपुर क्षेत्र में हुई सनसनीखेज फायरिंग की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना की चपेट में आए 70 वर्षीय सेवानिवृत्त ब्रिगेडियर मुकेश जोशी का आज पूरे सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार कर दिया गया। उनके पुत्र ने मुखाग्नि देकर अंतिम रस्में पूरी कीं। इस दुखद घड़ी में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं दिवंगत सैन्य अधिकारी के आवास पर पहुँचे और शोकाकुल परिवार को ढांढस बंधाया।
मुख्यमंत्री का सख्त रुख
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ब्रिगेडियर जोशी के परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस जघन्य अपराध में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को कड़े निर्देश देते हुए प्रदेश भर में ‘ऑपरेशन प्रहार’ (Operation Prahar) चलाने का आदेश दिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा, “देवभूमि की शांति भंग करने वाले अवांछित तत्वों और हुड़दंगियों के खिलाफ पुलिस अब आक्रामक रुख अपनाएगी। कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों का स्थान केवल जेल होगा। आम जनता की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस घटना ने हमें अपनी रणनीति को और अधिक सख्त बनाने के लिए प्रेरित किया है।”
क्या था पूरा मामला?
घटना 30 मार्च की सुबह राजपुर थाना क्षेत्र के जोहड़ी गांव की है। पुलिस जांच के अनुसार, विवाद की शुरुआत एक नाइट क्लब (जेन जी क्लब) में ‘बिल’ के भुगतान को लेकर हुई।
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विवाद से फायरिंग तक: क्लब संचालक और कुछ युवकों के बीच शुरू हुई कहासुनी मारपीट में बदल गई।
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फायरिंग का तांडव: आरोप है कि बिना नंबर प्लेट वाली स्कॉर्पियो कार में सवार कुछ रसूखदार युवकों ने क्लब स्टाफ की फॉर्च्यूनर कार पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी।
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निर्दोष की जान: उसी समय 70 वर्षीय रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी अपने नियमित मॉर्निंग वॉक पर निकले थे। एक आवारा गोली उन्हें जा लगी, जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। इस पूरी घटना का सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी सामने आया है, जो कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ता नजर आ रहा है।
राहुल गांधी और हरीश रावत ने घेरा
ब्रिगेडियर की मौत ने उत्तराखंड में एक बड़े राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है।
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हरीश रावत की उपस्थिति: कांग्रेस के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत भी अंत्येष्टि में शामिल हुए। उन्होंने ब्रिगेडियर जोशी को श्रद्धांजलि देते हुए सरकार पर सुरक्षा व्यवस्था में ढिलाई का आरोप लगाया।
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राहुल गांधी का ट्वीट: कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता राहुल गांधी ने भी इस घटना को लेकर ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने उत्तराखंड की गिरती कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। विपक्ष का कहना है कि राजधानी में दिनदहाड़े फायरिंग होना यह दर्शाता है कि अपराधियों के मन में पुलिस का खौफ खत्म हो चुका है।
पुलिस और आबकारी विभाग पर गिरी गाज
घटना के बाद सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ी कार्रवाई की है:
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निलंबन: ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में कुठालगेट चौकी इंचार्ज और संबंधित सब-एक्साइज इंस्पेक्टर (Sub Excise Inspector) को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है।
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गिरफ्तारी: पुलिस ने अब तक दोनों पक्षों के कुल 4 लोगों को गिरफ्तार किया है।
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डीजीपी का मोर्चा: प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) स्वयं इस मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं और ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत संदिग्ध क्लबों और असामाजिक तत्वों के ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
घटनाक्रम का सारांश (तालिका):
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
| दिनांक | 30 मार्च 2026 (सुबह) |
| स्थान | जोहड़ी गांव, राजपुर रोड, देहरादून |
| मृतक | रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश जोशी (70 वर्ष) |
| कारण | नाइट क्लब बिल विवाद के बाद हुई फायरिंग |
| कार्रवाई | 4 गिरफ्तार, 2 अधिकारी सस्पेंड, ‘ऑपरेशन प्रहार’ लॉन्च |



