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Delhi-Dehradun Expressway: दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे, सफर से पहले लगा महंगाई का ‘झटका’, टोल दरों में 2.5 गुना का भारी इजाफा!

Delhi-Dehradun Expressway: Delhi-Dehradun Expressway, inflation 'shock' before the journey, huge increase of 2.5 times in toll rates!

दिल्ली से देहरादून के बीच की दूरी को घंटों से घटाकर मिनटों में समेटने वाले बहुप्रतीक्षित ‘दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे’ के उद्घाटन की घड़ियाँ करीब हैं। लेकिन रफ्तार के इस रोमांच के साथ आम आदमी की जेब पर एक बड़ा बोझ भी आने वाला है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने एक्सप्रेस-वे के पूर्ण संचालन से पहले ही टोल दरों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी का ऐलान कर दिया है। 1 अप्रैल, 2026 से लागू होने वाली इन नई दरों के तहत टोल टैक्स में करीब ढाई गुना (2.5 times) तक की वृद्धि की गई है, जिससे निजी और व्यावसायिक वाहन चालकों के लिए सफर काफी महंगा होने वाला है।

चमारी खेड़ा टोल प्लाजा पर नई दरें लागू

सहारनपुर के पास स्थित चमारी खेड़ा टोल प्लाजा, जो इस एक्सप्रेस-वे का एक महत्वपूर्ण जंक्शन है, वहां अब वाहनों को पहले के मुकाबले कहीं अधिक भुगतान करना होगा। NHAI के अनुसार, पिछले दो वर्षों से निर्माण कार्य चलने के कारण टोल दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था, लेकिन अब एक्सप्रेस-वे के तैयार होने के साथ ही दरों को संशोधित कर दिया गया है।

वाहनों की श्रेणी और नई टोल दरें (एक नजर में)

नई दरों के लागू होने के बाद कार से लेकर भारी ट्रकों तक, हर श्रेणी के वाहन के लिए टोल का गणित बदल गया है:

वाहन श्रेणी पुरानी दर (₹) नई दर (1 अप्रैल से) बढ़ोतरी
कार/जीप/वैन 35 85 ₹50
हल्के व्यावसायिक वाहन (LCV) 55 145 ₹90
बस/ट्रक (2 एक्सेल) 115 300 ₹185
थ्री-व्हीलर (व्यावसायिक) 130 330 ₹200
भारी वाहन (3-6 एक्सेल) 185 475 ₹290
अति भारी वाहन (7+ एक्सेल) 220 575 ₹355

वापसी यात्रा (Round Trip) में मामूली राहत

24 घंटे के भीतर वापस लौटने वाले यात्रियों के लिए NHAI ने कुछ रियायतें बरकरार रखी हैं। यदि आप कार से दिल्ली से देहरादून जाकर 24 घंटे के अंदर लौटते हैं, तो आपको दोनों तरफ का टोल 135 रुपये देना होगा। इसी तरह हल्के कमर्शियल वाहनों के लिए राउंड ट्रिप 215 रुपये और बस-ट्रक के लिए 455 रुपये निर्धारित की गई है।

दरों में अचानक इतनी बढ़ोतरी क्यों?

प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि वर्ष 2024 में निर्माण कार्यों की असुविधा को देखते हुए टोल दरों को 45 रुपये से घटाकर 35 रुपये कर दिया गया था। अब चूंकि एक्सप्रेस-वे विश्वस्तरीय सुविधाओं, जैसे—एशिया के सबसे लंबे वाइल्डलाइफ कॉरिडोर और हाई-स्पीड लेन—के साथ तैयार है, इसलिए रखरखाव और निर्माण लागत की भरपाई के लिए दरों को बढ़ाया गया है।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे

टोल की कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद, यह एक्सप्रेस-वे कनेक्टिविटी के मामले में गेम-चेंजर साबित होगा।

  • समय की बचत: 212 किलोमीटर का यह सफर अब महज 2.5 घंटे में पूरा किया जा सकेगा, जो फिलहाल 6-7 घंटे लेता है।

  • रफ्तार सीमा: एक्सप्रेस-वे पर कारों के लिए 100 किमी/घंटा, भारी वाहनों के लिए 80 किमी/घंटा और दोपहिया वाहनों के लिए 60 किमी/घंटा की अधिकतम गति सीमा तय की गई है।

  • प्रधानमंत्री करेंगे उद्घाटन: सूत्रों के मुताबिक, अप्रैल के प्रथम या द्वितीय सप्ताह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस एक्सप्रेस-वे का आधिकारिक उद्घाटन कर सकते हैं। इसके बाद इसे पूरी तरह से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।

आम जनता और ट्रांसपोर्टर्स की चिंता

टोल दरों में ढाई गुना की इस वृद्धि ने ट्रांसपोर्टर्स और नियमित यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है। ट्रांसपोर्ट यूनियनों का कहना है कि टोल बढ़ने से आवश्यक वस्तुओं की ढुलाई महंगी होगी, जिसका सीधा असर महंगाई पर पड़ेगा। वहीं, देहरादून और दिल्ली के बीच नियमित सफर करने वाले मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह मासिक बजट बिगाड़ने वाला फैसला है।

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