भारतीय राजनीति का स्वर्णिम अध्याय, पीएम मोदी बने सबसे लंबे समय तक सरकार चलाने वाले मुखिया, पवन कुमार चामलिंग का रिकॉर्ड टूटा
A golden chapter in Indian politics, PM Modi becomes the longest-serving head of government, breaking Pawan Kumar Chamling's record.
भारत के लोकतांत्रिक इतिहास में रविवार, 22 मार्च 2026 का दिन एक ऐतिहासिक मील के पत्थर के रूप में दर्ज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब स्वतंत्र भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक सरकार के मुखिया (Head of Government) के तौर पर सेवा देने वाले नेता बन गए हैं। PM Narendra Modi Longest Serving Government Head 2026 की इस उपलब्धि के साथ उन्होंने सिक्किम के पूर्व मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग के दशकों पुराने रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया है। यह क्षण न केवल एक व्यक्ति की राजनीतिक यात्रा का प्रमाण है, बल्कि भारत के शासन मॉडल में आए बड़े बदलावों का भी प्रतीक है।
8,931 दिनों का ‘सेवा संकल्प’: चामलिंग को छोड़ा पीछे
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में अपने संयुक्त कार्यकाल को मिलाकर कुल 8,931 दिनों तक पद पर रहने का गौरव प्राप्त किया है। इसके साथ ही उन्होंने पवन कुमार चामलिंग के 8,930 दिनों के रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया। PM Narendra Modi Longest Serving Government Head 2026 के इस सफर में पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री के रूप में सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले प्रधानमंत्री होने का अनूठा कीर्तिमान भी अपने नाम किया है।
आपदा से सुशासन तक: गुजरात का वो कठिन दौर
अपनी इस लंबी यात्रा को याद करते हुए प्रधानमंत्री ने उन “बेहद मुश्किल हालातों” का जिक्र किया, जब उन्होंने 2001 में पहली बार गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली थी। उन्होंने याद दिलाया कि उस समय गुजरात विनाशकारी भूकंप, सुपर साइक्लोन, लगातार सूखे और राजनीतिक अस्थिरता के घावों से जूझ रहा था। PM Narendra Modi Longest Serving Government Head 2026 की नींव उन्हीं चुनौतियों के बीच पड़ी, जिन्होंने राज्य को ‘सुशासन के पावरहाउस’ के रूप में फिर से खड़ा करने के उनके इरादे को मजबूत किया।
मां की वो सलाह: सार्वजनिक जीवन के मार्गदर्शक सिद्धांत
एक भावुक क्षण को साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने अपनी स्वर्गीय माता जी की सीख को याद किया। उन्होंने बताया कि उनकी मां ने उन्हें हमेशा दो बातें याद रखने को कहा था: “हमेशा गरीबों के लिए काम करना और कभी रिश्वत न लेना।” इन्हीं सिद्धांतों ने उनके सार्वजनिक जीवन को दिशा दी है। गुजरात को सूखे और आर्थिक तंगी से निकालकर कृषि, उद्योग और इंफ्रास्ट्रक्चर में नंबर-1 बनाना इसी शुचितापूर्ण राजनीति का परिणाम रहा।
2014 से 2024: भरोसे और सशक्तिकरण का दशक
प्रधानमंत्री ने 2013 के उस कालखंड को भी याद किया जब उन्हें पीएम पद का उम्मीदवार बनाया गया था। उन्होंने उसे “भरोसे और शासन का संकट” बताया। लेकिन 2014, 2019 और अब 2024 में भारत के लोगों ने जो निर्णायक जनादेश दिया, उसने देश की नियति बदल दी। PM Narendra Modi Longest Serving Government Head 2026 के आंकड़ों के पीछे पिछले 11 वर्षों की वो उपलब्धियां हैं, जिनमें 25 करोड़ से अधिक लोग गरीबी रेखा से बाहर निकले हैं।
विकसित भारत का संकल्प: नारी शक्ति और किसान प्रथम
सशक्तिकरण पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि उनके कार्यकाल का सबसे बड़ा लाभ ‘नारी शक्ति’, ‘युवा शक्ति’ और ‘किसानों’ को हुआ है। उन्होंने संवैधानिक मूल्यों को सर्वोपरि रखते हुए “विकसित भारत” बनाने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। आजादी के बाद पैदा हुए पहले प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने लगातार तीन बार अपनी पार्टी को जीत दिलाकर यह साबित किया है कि ‘प्रो-पीपल गवर्नेंस’ ही लंबी राजनीति का आधार है।



