फ्री फायर सिखाने के बहाने बच्चों को फंसाने का आरोप, बाजपुर में दो युवकों के खिलाफ तहरीर
Two youths in Bazpur have been accused of luring children under the pretext of teaching them Free Fire; a complaint has been filed against them.
बाजपुर क्षेत्र से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां मोबाइल गेम सिखाने के बहाने एक नाबालिग को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर उससे रुपये हड़पने का आरोप दो युवकों पर लगा है। आरोप है कि युवकों ने पहले बच्चे को अपने प्रभाव में लिया, फिर उसे डराकर ब्लैकमेल किया और घर से पैसे चोरी करवाकर अपने पास मंगवाते रहे। जब इस पूरे घटनाक्रम का खुलासा हुआ, तो पीड़ित पिता ने कोतवाली बाजपुर में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है, हालांकि खबर लिखे जाने तक प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई थी।
फ्री फायर गेम बना झांसे का जरिया
पीड़ित पिता ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि वह ग्राम नंदपुर नरकाटोपा के निवासी हैं और उनका 11 वर्षीय पुत्र हाल के दिनों में मोबाइल गेम ‘फ्री फायर’ खेलने में रुचि लेने लगा था। इसी का फायदा उठाते हुए गांव के ही दो चचेरे-तहेरे भाइयों ने बच्चे को बेहतर तरीके से गेम सिखाने का लालच दिया। शुरुआत में यह सब सामान्य लगा, लेकिन धीरे-धीरे दोनों युवकों ने नाबालिग को अपने प्रभाव में ले लिया। आरोप है कि युवकों ने गेम खेलने के बहाने बच्चे से लगातार संपर्क बनाए रखा और बाद में उसे धमकाने तथा मानसिक दबाव डालने लगे। बच्चे को डराया गया कि यदि उसने उनकी बात नहीं मानी, तो उसके साथ बुरा होगा या घरवालों को गलत बातें बता दी जाएंगी।
डर के साए में बच्चा करता रहा चोरी
पीड़ित पिता के अनुसार, ब्लैकमेलिंग से डरा बच्चा युवकों की मांगें पूरी करता रहा। आरोप है कि दोनों युवक उससे पैसों की मांग करने लगे और डर के कारण नाबालिग बिना किसी को बताए घर से रुपये चोरी कर उन्हें देता रहा। यह सिलसिला काफी समय तक चलता रहा, लेकिन किसी को भनक नहीं लगी। जब घर में लगातार पैसे गायब होने लगे, तब परिवार को संदेह हुआ। पूछताछ करने पर बच्चे ने रोते हुए पूरी सच्चाई बता दी। यह सुनकर परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई और उन्हें एहसास हुआ कि उनका बच्चा किस तरह मानसिक उत्पीड़न का शिकार हो रहा था।
बात करने पर आरोपियों ने की गाली-गलौज और मारपीट की कोशिश
घटना सामने आने के बाद पीड़ित पिता ने आरोपित युवकों से बातचीत कर मामला सुलझाने की कोशिश की। लेकिन आरोप है कि दोनों युवक उल्टा आक्रामक हो गए। उन्होंने गाली-गलौज की और मारपीट पर उतारू हो गए। इस व्यवहार के बाद पीड़ित पिता ने सीधे पुलिस का रुख करने का फैसला किया और कोतवाली बाजपुर में लिखित तहरीर सौंपी। तहरीर में पिता ने आरोप लगाया कि ये युवक सिर्फ उनके बेटे ही नहीं, बल्कि गांव के अन्य नाबालिग बच्चों को भी अपने जाल में फंसा सकते हैं और उनका भविष्य बर्बाद कर रहे हैं।
बच्चों पर मोबाइल गेम का बढ़ता असर बना चिंता का विषय
यह मामला सिर्फ एक परिवार की समस्या नहीं, बल्कि समाज के लिए भी चेतावनी है। मोबाइल गेम्स, खासकर ऑनलाइन और बैटल गेम्स, बच्चों को तेजी से अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। कई बार नाबालिग बच्चे यह समझ नहीं पाते कि कौन उनका फायदा उठा रहा है। इसी कमजोरी का फायदा उठाकर कुछ लोग बच्चों को मानसिक और आर्थिक रूप से शोषित कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अभिभावकों को बच्चों की ऑनलाइन गतिविधियों पर नजर रखनी चाहिए और उनसे नियमित संवाद बनाए रखना चाहिए, ताकि किसी भी असामान्य व्यवहार को समय रहते समझा जा सके।
पुलिस जांच में जुटी, एफआईआर का इंतजार
कोतवाली बाजपुर पुलिस का कहना है कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। सभी तथ्यों की पड़ताल की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, खबर लिखे जाने तक इस मामले में प्राथमिकी दर्ज नहीं हो पाई थी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण बेहद संवेदनशील है और जांच में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।

