उत्तराखंड

चारधाम यात्रा में तकनीकी बदलाव, दर्शन के लिए मिलेगा डिजिटल टोकन, लंबी कतारों से राहत

Technological changes in the Char Dham Yatra, Digital tokens will be issued for darshan, providing relief from long queues.

देहरादून: उत्तराखंड सरकार चारधाम यात्रा को अधिक सुचारु और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। आगामी यात्रा सीजन से केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों में दर्शन के लिए डिजिटल टोकन व्यवस्था लागू करने की तैयारी है। इस नई प्रणाली के लागू होने से श्रद्धालुओं को घंटों लंबी लाइनों में खड़े रहने से निजात मिल सकती है और दर्शन की प्रक्रिया समयबद्ध व व्यवस्थित होगी।

राज्य सरकार के स्तर पर इस योजना को लेकर मंथन शुरू हो चुका है। जनवरी के अंतिम सप्ताह में होने वाली उच्चस्तरीय बैठक में डिजिटल टोकन सिस्टम के तकनीकी और प्रशासनिक ढांचे को अंतिम रूप दिया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि भीड़ नियंत्रण और श्रद्धालुओं की सुविधा को प्राथमिकता में रखते हुए यह व्यवस्था विकसित की जाए।

क्या होगी डिजिटल टोकन व्यवस्था

प्रस्तावित मॉडल के तहत श्रद्धालु मोबाइल ऐप या अधिकृत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से दर्शन के लिए डिजिटल टोकन प्राप्त कर सकेंगे। टोकन के साथ एक निर्धारित समय स्लॉट भी मिलेगा, जिससे श्रद्धालु तय समय पर मंदिर परिसर में प्रवेश कर सकेंगे। मंदिरों में डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड लगाए जाएंगे, जिन पर टोकन नंबर के अनुसार दर्शन की बारी दिखाई जाएगी।

इस व्यवस्था से भीड़ एक साथ मंदिर में प्रवेश नहीं करेगी, जिससे अव्यवस्था कम होगी। बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को विशेष लाभ मिलने की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि उन्हें लंबी प्रतीक्षा से राहत मिलेगी।

ऑफलाइन सुविधा पर भी रहेगा ध्यान

सरकार का कहना है कि डिजिटल सिस्टम के साथ-साथ ऑफलाइन सहायता केंद्र भी बनाए जाएंगे। तकनीक से अपरिचित श्रद्धालुओं की मदद के लिए हेल्पडेस्क, स्वयंसेवक और सूचना काउंटर तैनात किए जा सकते हैं, ताकि किसी को परेशानी न हो।

शीतकालीन यात्रा को मिल रहा उत्साहजनक समर्थन

इस बीच शीतकालीन चारधाम यात्रा को भी श्रद्धालुओं का अच्छा समर्थन मिल रहा है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अब तक लगभग 15 हजार श्रद्धालु शीतकालीन धामों में दर्शन कर चुके हैं। मुखबा, खर्साली, ऊखीमठ और पांडुकेश्वर जैसे शीतकालीन प्रवास स्थलों पर श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है।

हालांकि मौसम विभाग ने ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई है, फिर भी श्रद्धालुओं की आस्था में कमी नहीं दिख रही।

केदारनाथ रोपवे से बदलेगा यात्रा अनुभव

चारधाम यात्रा को और आसान बनाने के लिए केदारनाथ रोपवे परियोजना पर भी तेजी से काम किया जा रहा है। मार्च से शुरू होने वाली इस परियोजना के तहत सोनप्रयाग से केदारनाथ तक लगभग 12.5 किलोमीटर लंबा रोपवे बनाया जाएगा। इसके पूरा होने पर श्रद्धालु करीब 35 मिनट में केदारनाथ धाम पहुंच सकेंगे, जबकि अभी यात्रा में कई घंटे लगते हैं।

भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा पर फोकस

डिजिटल टोकन और रोपवे जैसी योजनाओं से सरकार भीड़ नियंत्रण, सुरक्षा और आपात सेवाओं को मजबूत करना चाहती है। प्रशासन का मानना है कि तकनीक आधारित व्यवस्थाएं चारधाम यात्रा को सुरक्षित, व्यवस्थित और अधिक सहज बनाएंगी।

कुल मिलाकर, आने वाले समय में चारधाम यात्रा श्रद्धालुओं के लिए पहले से कहीं अधिक सुविधाजनक और सुव्यवस्थित होने की उम्मीद है।

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