निनाद उत्सव-2025’ में गूंजा उत्तराखंड गौरव- सीएम धामी ने कहा – 25 वर्षों की यात्रा राज्य के सपनों को साकार करने का प्रतीक
'Ninad Festival-2025' resonated with the pride of Uttarakhand - CM Dhami said - the 25-year journey symbolizes the realization of the state's dreams.
देहरादून में उत्तराखंड राज्य स्थापना की रजत जयंती के अवसर पर ‘निनाद उत्सव-2025’ का आयोजन बड़े उत्साह और गरिमा के साथ किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड निर्माण के 25 वर्ष केवल समय की गणना नहीं, बल्कि राज्य को नई दिशा, पहचान और आत्मनिर्भरता की यात्रा का प्रतीक हैं।
सीएम धामी बोले – राज्य आंदोलनकारियों के सपनों को साकार करने का प्रयास जारी
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य की स्थापना जिन आंदोलनकारियों के बलिदान और संघर्ष से हुई, उनकी भावनाओं और आकांक्षाओं को साकार करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में उत्तराखंड सरकार ने विकास के हर क्षेत्र — शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन, उद्योग और महिला सशक्तिकरण — में दृढ़ संकल्प और प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया है।
नृत्य, संस्कृति और परंपरा का अद्भुत संगम
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा पौराणिक आख्यानों पर आधारित शास्त्रीय नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, जिनमें कलाकारों ने देवभूमि की संस्कृति और अध्यात्म को जीवंत किया।
इस अवसर पर सुप्रसिद्ध शास्त्रीय नृत्यांगना एवं ‘पद्म विभूषण’ से सम्मानित श्रीमती सोनल मानसिंह को राज्य की ओर से विशेष सम्मान प्रदान किया गया।
उनकी प्रस्तुति ने देवभूमि की संस्कृति, श्रद्धा और नारी शक्ति के प्रतीकात्मक भावों को मंच पर अभिव्यक्त किया।
विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
‘निनाद उत्सव-2025’ में माननीय राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल और माननीय दायित्वधारी श्रीमती मधु भट्ट सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
सभी ने राज्य के गौरवपूर्ण 25 वर्षों की उपलब्धियों को याद करते हुए, उत्तराखंड को ‘विकसित राज्य’ के रूप में आगे ले जाने का संकल्प दोहराया।
रजत जयंती वर्ष – विकास और संस्कृति का संगम
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह रजत जयंती वर्ष उत्तराखंड के नए अध्याय की शुरुआत है।
राज्य सरकार इस वर्ष को ‘रजत जयंती उत्सव वर्ष’ के रूप में मना रही है, जिसमें सांस्कृतिक, सामाजिक और विकासात्मक कार्यक्रमों की श्रृंखला जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि उत्तराखंड न केवल आध्यात्मिकता और साहस की भूमि है, बल्कि नवाचार और विकास का केंद्र भी बन रहा है।



