उत्तराखंड

भारी भूस्खलन से गंगोत्री हाईवे बंद, धराली-हर्षिल के लोगों की मुश्किलें बढ़ीं

Gangotri Highway closed due to heavy landslide, difficulties of people of Dharali-Harsil increased

उत्तरकाशी: गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर धरासू और नालूपानी के पास हुए भूस्खलन ने शुक्रवार को एक बार फिर यातायात व्यवस्था ठप कर दी। पहाड़ से लगातार पत्थर गिरने के कारण हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे यात्रियों और स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बीआरओ की मशीनें मौके पर मार्ग खोलने में जुटी हैं, लेकिन मलबा हटाने में कठिनाई आ रही है।

11 दिन से सामान्य नहीं हुआ यातायात

गौरतलब है कि 5 अगस्त को खीर गंगा क्षेत्र में आई आपदा ने गंगोत्री हाईवे को डबरानी से आगे कई स्थानों पर तोड़ दिया था। तब से लेकर अब तक हर्षिल और धराली क्षेत्र के लोगों को नियमित यातायात सुविधा नहीं मिल पाई है। आपदा के बाद सैकड़ों लोगों को प्रशासन ने हेली रेस्क्यू कर सुरक्षित गंतव्य तक पहुंचाया था, क्योंकि यह हाईवे आवागमन का एकमात्र विकल्प है।

अस्थायी रूप से गाड़-गदेरों से हो रही आवाजाही

हाईवे पूरी तरह बहाल न होने के कारण लोग फिलहाल गाड़ और गदेरों को पार कर आवागमन कर रहे हैं, जो जोखिम भरा है। सोनगाड़ के पास करीब 400 मीटर सड़क का हिस्सा पूरी तरह बह गया है, जिससे मरम्मत का कार्य और चुनौतीपूर्ण हो गया है।

बीआरओ का युद्धस्तरीय अभियान

आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसांई ने बताया कि बीआरओ युद्धस्तर पर काम कर रहा है और उम्मीद है कि दो से तीन दिन में गंगोत्री हाईवे सुचारू हो जाएगा। हालांकि, नालूपानी के पास ताजा भूस्खलन और पत्थरों के लगातार गिरने से मलबा हटाने में कठिनाई हो रही है।

सुरक्षा और संचार व्यवस्था प्रभावित

भूस्खलन वाले क्षेत्रों में यात्रियों की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। मार्ग बंद होने से मोबाइल नेटवर्क भी प्रभावित हुआ है, जिसे बहाल करने के लिए संबंधित एजेंसियों के कर्मचारी सक्रिय हैं।

मानसूनी बारिश का कहर

उत्तराखंड में इस समय मानसूनी बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। भारी बारिश के कारण कई संपर्क मार्ग बाधित हैं और भूस्खलन की घटनाएं लगातार हो रही हैं। धराली आपदा में लापता लोगों की तलाश अब भी जारी है, जबकि कई स्थानों पर लोगों की जानें भी जा चुकी हैं।

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