देहरादून में टेरिटोरियल आर्मी भर्ती रैली शुरू, ‘Caravan Talkies’ अभियान से ग्रामीण युवाओं में देशसेवा का जोश
Territorial Army recruitment rally begins in Dehradun, 'Caravan Talkies' campaign instills enthusiasm for patriotism among rural youth
देहरादून: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भारतीय सेना द्वारा 127 इन्फेंट्री बटालियन टेरिटोरियल आर्मी की भर्ती रैली 14 जुलाई से आरंभ हो चुकी है। गढ़वाल राइफल्स की ओर से आयोजित यह रैली 19 जुलाई 2025 तक चलेगी। पहले ही दिन युवाओं ने भारी उत्साह के साथ भाग लिया। इस रैली का उद्देश्य योग्य भूतपूर्व सैनिकों की भर्ती कर सेना की ‘सेकंड लाइन ऑफ डिफेंस’ को सशक्त बनाना है।
पहले दिन की गतिविधियां
रैली के पहले दिन कुल 160 भूतपूर्व सैनिक भर्ती स्थल पर पहुंचे, जिनमें से 5 उम्मीदवारों की स्क्रीनिंग सफलतापूर्वक हुई। शेष 155 उम्मीदवारों ने शारीरिक दक्षता परीक्षा दी। यह भर्ती उत्तराखंड से 49 सैनिक (जनरल ड्यूटी) और देश के विभिन्न हिस्सों से 13 ट्रेड्समैन पदों के लिए की जा रही है। चयन प्रक्रिया को पारदर्शी, निष्पक्ष और अनुशासित बनाया गया है, जिसमें शारीरिक फिटनेस और सैन्य दक्षता को प्राथमिकता दी जा रही है।
क्या है टेरिटोरियल आर्मी?
टेरिटोरियल आर्मी (TA) एक स्वैच्छिक बल है, जो सामान्य नागरिकों को समय-समय पर प्रशिक्षण देकर देश सेवा का अवसर देता है। यह बल आपात स्थिति में सेना का समर्थन करता है और युद्धकाल में ‘सेकंड लाइन ऑफ डिफेंस’ के रूप में कार्य करता है। इसमें शामिल होने वाले लोग सामान्य जीवन जीते हुए जरूरत के समय देश सेवा में जुटते हैं।
‘Caravan Talkies’ अभियान से युवाओं को प्रोत्साहन
सेना ने भर्ती रैली के साथ-साथ ‘Caravan Talkies’ नामक अभियान भी शुरू किया है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को सेना में शामिल होने के लिए प्रेरित करना है। इसके तहत एक विशेष मोबाइल वैन को एलईडी स्क्रीन, देशभक्ति से जुड़े पोस्टर, बैनर और पब्लिक एड्रेस सिस्टम से सुसज्जित किया गया है। यह वैन विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में जाकर युवाओं को सेना की भर्ती प्रक्रिया, पात्रता और प्रशिक्षण की जानकारी दे रही है।
हरिद्वार पहुंचेगा अगला चरण
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में सफल अभियान के बाद ‘Caravan Talkies’ अब 15 जुलाई को हरिद्वार पहुंचेगा। यहां यह कई शैक्षणिक संस्थानों में जाकर युवाओं को भारतीय सेना में करियर की संभावनाओं से रूबरू कराएगा।
टेरिटोरियल आर्मी की यह भर्ती रैली और ‘Caravan Talkies’ अभियान भारतीय सेना की दूरदर्शी पहल का हिस्सा हैं, जो न केवल युवाओं को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित कर रहे हैं, बल्कि ग्रामीण भारत को भी सैन्य क्षेत्र से जोड़ने का कार्य कर रहे हैं।

