नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दो दिवसीय अमेरिका दौरा समाप्त हो गया। भारतीय समयानुसार गुरुवार सुबह पीएम मोदी वाशिंगटन डीसी पहुंचे थे और शुक्रवार को भारत के लिए रवाना हो गए। यह मुलाकात डोनाल्ड ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में दोनों नेताओं की पहली बैठक थी। इजरायल, जापान और जॉर्डन के राष्ट्राध्यक्षों के बाद प्रधानमंत्री मोदी, राष्ट्रपति ट्रंप से मिलने वाले चौथे विदेशी नेता बने।
वैध वीजा धारकों को नहीं होगी परेशानी
पूर्व राजदूत सुरेंद्र कुमार ने कहा कि अमेरिका में अवैध रूप से रहने वाले लोगों के लिए समस्या हो सकती है, लेकिन वैध पासपोर्ट और वीजा धारकों को किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय पेशेवर और तकनीकी विशेषज्ञों को अमेरिका में अवसर मिलते रहेंगे, जिससे दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और व्यावसायिक संबंध और मजबूत होंगे।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था में भारतीय छात्रों का योगदान
बैठक के दौरान पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत-अमेरिका के आपसी संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया। दोनों नेताओं ने स्वीकार किया कि 3 लाख से अधिक भारतीय छात्र हर साल अमेरिकी अर्थव्यवस्था में 8 बिलियन डॉलर का योगदान देते हैं और नौकरियां पैदा करने में सहायक बनते हैं।
वैश्विक सुरक्षा और आव्रजन पर सख्ती
दोनों नेताओं ने आपसी सुरक्षा बढ़ाने और अवैध आव्रजन नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने छात्रों और पेशेवरों की कानूनी गतिशीलता को आसान बनाने तथा अल्पकालिक पर्यटन और व्यावसायिक यात्राओं को बढ़ावा देने पर सहमति जताई।
पूर्व राजनयिक दीपक वोहरा ने कहा कि इस बैठक से भारतीय छात्रों को कोई नुकसान नहीं होगा। वे अपनी पढ़ाई जारी रख सकते हैं और भारत-अमेरिका संबंधों को और मजबूत करने में योगदान देंगे।
ऊर्जा क्षेत्र में भारत-अमेरिका साझेदारी
भारत और अमेरिका ने ऊर्जा सुरक्षा को आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण के लिए आवश्यक माना। दोनों देशों ने तेल, गैस और असैन्य परमाणु ऊर्जा में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। यह साझेदारी वैश्विक ऊर्जा बाजार की स्थिरता में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त अभियान
बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि दोनों देश आतंकवाद के खिलाफ मिलकर कार्रवाई करेंगे और वैश्विक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए सहयोग बढ़ाएंगे।
संक्षेप में: प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा ने भारत-अमेरिका संबंधों में नए आयाम जोड़े, जिसमें शिक्षा, व्यापार, सुरक्षा और ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को मजबूती मिली। दोनों देशों ने साझा हितों को आगे बढ़ाने और वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया। 🚀

