70% उम्मीदवार गैरहाज़िर, UKSSSC भर्ती परीक्षा ने चौंकाए आंकड़े
70% candidates absent, UKSSSC recruitment exam shocking figures
देहरादून: उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की हालिया भर्ती परीक्षा ने सबको चौंका दिया। कुल 15,887 उम्मीदवारों में से केवल 4,912 ही परीक्षा केंद्र तक पहुंचे, यानी 70% से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा से दूरी बना ली। यह स्थिति राज्य में रोजगार परीक्षाओं को लेकर युवाओं के भरोसे और चुनौतियों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
मात्र 30.92% की उपस्थिति
आयोग की रिपोर्ट के अनुसार, परीक्षा में उपस्थिति सिर्फ 30.92% रही। शेष 10,975 उम्मीदवार परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे ही नहीं। इतनी बड़ी संख्या में अनुपस्थिति आयोग के लिए भी हैरानी का विषय है।
सख्त सुरक्षा और नकलमुक्त परीक्षा
आयोग ने परीक्षा को पारदर्शी बनाने के लिए देहरादून, पौड़ी, अल्मोड़ा और नैनीताल में 41 केंद्र बनाए। हर उम्मीदवार की बायोमेट्रिक उपस्थिति दर्ज की गई और परीक्षा हॉल में मोबाइल जैमर लगाए गए। अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती से परीक्षा नकलमुक्त और शांतिपूर्ण संपन्न हुई।
संभावित कारण
विशेषज्ञों का मानना है कि अभ्यर्थियों की अनुपस्थिति के पीछे कई कारण हो सकते हैं—
- लगातार बारिश और भूस्खलन से परिवहन प्रभावित होना
- अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में व्यस्त रहना
- केवल 30 रिक्तियों को देखकर चयन की संभावना कम मानना
- बार-बार भर्ती परीक्षाओं का रद्द/स्थगित होना और रोजगार को लेकर निराशा
परीक्षा का महत्व
यह परीक्षा सहायक प्रयोगशाला और मशरूम पर्यवेक्षक वर्ग-3 के 30 पदों के लिए आयोजित हुई थी। पंजीकरण संख्या के मुकाबले वास्तविक उपस्थिति बेहद कम रही, जिसने भर्ती प्रक्रिया की गंभीरता पर सवाल खड़े किए।
आयोग की चुनौती
हालांकि परीक्षा बिना किसी गड़बड़ी के सफलतापूर्वक हुई, लेकिन उम्मीदवारों की भारी अनुपस्थिति आयोग और सरकार के लिए चेतावनी है। यह दर्शाता है कि रोजगार प्रक्रियाओं पर युवाओं का भरोसा डगमगा रहा है।
आगे का रास्ता
आयोग अब लिखित परीक्षा के नतीजे जारी कर अगली प्रक्रिया शुरू करेगा। लेकिन बड़ी चुनौती यही है कि युवाओं का विश्वास कैसे बहाल किया जाए ताकि भविष्य की परीक्षाओं में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

