उत्तराखंड

UKSSSC परीक्षा पेपर लीक मामला, CBI ने तीन आरोपियों के खिलाफ दाखिल की चार्जशीट

UKSSSC exam paper leak case, CBI files charge sheet against three accused.

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) की स्नातक स्तरीय परीक्षा पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी है. चार्जशीट में असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन चौहान को मुख्य आरोपी बनाया गया है, जबकि उस समय के अभ्यर्थी खालिद और उसकी बहन साबिया को सह-आरोपी के रूप में शामिल किया गया है.

सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था परीक्षा पेपर

मामले की शुरुआत 21 सितंबर को हुई, जब UKSSSC की स्नातक स्तरीय परीक्षा के दौरान प्रश्नपत्र के तीन पन्नों के स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गए. इसके बाद बेरोजगार संघ ने पेपर लीक का आरोप लगाते हुए हंगामा किया. शिकायत के आधार पर देहरादून के रायपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया.

हरिद्वार के परीक्षा केंद्र से हुआ था लीक

पुलिस जांच में सामने आया कि पेपर हरिद्वार के बहादरपुर जट स्थित परीक्षा केंद्र से बाहर भेजा गया था. वहां परीक्षा दे रहे अभ्यर्थी खालिद ने पहले से केंद्र में छिपाकर रखे मोबाइल फोन से प्रश्नपत्र की तस्वीरें लीं और उन्हें अपनी बहन साबिया को भेजा. साबिया ने ये स्क्रीनशॉट आगे असिस्टेंट प्रोफेसर सुमन चौहान को भेज दिए.

पहले जांच में मिली थी राहत, बाद में CBI ने किया गिरफ्तार

सुमन चौहान उस समय टिहरी गढ़वाल स्थित शहीद श्रीमती हंसा धनाई राजकीय महाविद्यालय में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर तैनात थीं. शुरुआती पुलिस जांच में यह माना गया था कि सुमन इस साजिश में जानबूझकर शामिल नहीं थीं और उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि वायरल किया गया पेपर किसी प्रतियोगी परीक्षा से संबंधित है. इसी आधार पर उन्हें सहयोगी मानते हुए छोड़ा गया था.

बेरोजगार युवाओं के आंदोलन के बाद CBI जांच

इस मामले को लेकर बेरोजगार युवाओं ने देहरादून में आठ दिन तक CBI जांच की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन किया. आंदोलन के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौके पर पहुंचकर CBI जांच की संस्तुति का आश्वासन दिया, जिसके बाद धरना समाप्त हुआ. सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद CBI ने 26 अक्टूबर को इस मामले में केस दर्ज किया.

साजिश में शामिल पाए जाने पर दाखिल हुई चार्जशीट

CBI ने गहन जांच के बाद 28 नवंबर को सुमन चौहान को षड्यंत्र में शामिल पाए जाने पर गिरफ्तार किया था और उन्हें स्पेशल CBI कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. अब CBI ने मामले में चार्जशीट दाखिल कर स्पष्ट कर दिया है कि पेपर लीक की साजिश में सुमन चौहान, खालिद और साबिया की सक्रिय भूमिका रही.

CBI की चार्जशीट के बाद इस बहुचर्चित मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं.

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