उत्तराखंड में 11 जुलाई से शुरू होगी कांवड़ यात्रा, तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा प्रशासन
Kanwar Yatra will start from July 11 in Uttarakhand, administration is busy in finalizing the preparations
देहरादून, 25 जून 2025: उत्तराखंड में आगामी 11 जुलाई से कांवड़ यात्रा का शुभारंभ होने जा रहा है। इसे लेकर राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन ने अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। यह यात्रा धार्मिक आस्था से जुड़ी सबसे बड़ी वार्षिक यात्राओं में से एक है, जिसमें देशभर से करोड़ों श्रद्धालु शामिल होते हैं। प्रशासन इस बार यात्रा को और अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और श्रद्धालुओं के अनुकूल बनाने के उद्देश्य से विशेष तैयारी कर रहा है।
4.5 करोड़ कांवड़ियों की उम्मीद, प्रशासन अलर्ट
गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडे के अनुसार, इस वर्ष कांवड़ यात्रा में लगभग 4.5 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। पिछले कुछ वर्षों में यात्रा में भाग लेने वालों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हुई है, जिससे यह जरूरी हो गया है कि व्यवस्थाएं समय पर पूरी हों और भीड़ प्रबंधन में कोई चूक न हो।
सुविधाओं पर खास जोर
यात्रा मार्गों पर पेयजल, स्वच्छ शौचालय, विश्राम स्थल और कांवड़ पटरी की मरम्मत का कार्य तेज गति से चल रहा है। खासतौर पर महिला श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित और स्वच्छ सुविधाएं सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सभी ज़िलों को आदेश दिए गए हैं कि वे समयसीमा के भीतर सभी तैयारियां पूरी कर लें।
27 जून को इंटर स्टेट बैठक
कांवड़ यात्रा से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों जैसे डीजे की अनुमति और कांवड़ की अधिकतम ऊंचाई पर चर्चा के लिए 27 जून को एक अंतर-राज्यीय बैठक प्रस्तावित है। इसमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों के उच्च अधिकारी शामिल होंगे। बैठक में स्पष्ट दिशा-निर्देश तय किए जाएंगे ताकि यात्रा के दौरान किसी प्रकार की अराजकता से बचा जा सके।
नई एसओपी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
यात्रा को सुरक्षित बनाने के लिए एक नई स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार की जा रही है, जिसे सभी जिलों के प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ साझा किया जाएगा। पुलिस मुख्यालय ने सीपीएमएफ की 20 कंपनियों की मांग की है और चारधाम यात्रा से हटाई जा रही पुलिस व पीएसी को कांवड़ ड्यूटी में लगाया जाएगा।
शांति और समन्वय प्राथमिकता
प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यात्रा को शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित बनाना है। इसके लिए एक केंद्रीकृत हेल्पलाइन सिस्टम भी बनाया जा रहा है, ताकि राज्यों के बीच बेहतर समन्वय बना रहे और कांवड़ियों को किसी भी तरह की परेशानी न हो।
कांवड़ यात्रा के सफल आयोजन के लिए शासन-प्रशासन के ये प्रयास निश्चित रूप से राज्य की एक सकारात्मक छवि को आगे बढ़ाएंगे।


