उत्तराखंड

उत्तराखंड में बदलेगा मौसम का मिजाज, नए साल में बारिश-बर्फबारी की उम्मीद, कोहरे को लेकर अलर्ट जारी

The weather pattern will change in Uttarakhand, with rain and snowfall expected in the new year; a fog alert has also been issued.

देहरादून: उत्तराखंड में साल के अंत तक बर्फबारी का इंतजार कर रहे सैलानियों को भले ही निराशा हाथ लगी हो, लेकिन नए साल की शुरुआत में मौसम राहत दे सकता है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में बारिश और ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई है। इसके साथ ही मैदानी क्षेत्रों में घने कोहरे और शीत दिवस को लेकर अलर्ट जारी किया गया है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

कई जिलों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना

देहरादून स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार लंबे समय से प्रदेश में मौसम शुष्क बना हुआ है। दिसंबर महीने में भी अपेक्षित बारिश नहीं हुई, जिससे सूखी ठंड का असर देखने को मिला। अब नए साल में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में बदलाव की उम्मीद है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली और पिथौरागढ़ जनपदों के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। वहीं बागेश्वर, देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, अल्मोड़ा और चंपावत जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा 3000 मीटर और उससे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी हो सकती है, जिससे पहाड़ों में ठंड और बढ़ने की आशंका है। हालांकि राज्य के शेष जिलों में मौसम शुष्क बने रहने की संभावना है।

घना कोहरा और शीत दिवस बढ़ाएंगे मुश्किलें

मौसम विभाग ने हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, नैनीताल, चंपावत, पौड़ी और देहरादून के कई क्षेत्रों में घने कोहरे की चेतावनी जारी की है। खासतौर पर ऊधम सिंह नगर, देहरादून और नैनीताल के मैदानी इलाकों में शीत दिवस की स्थिति बन सकती है। इसे देखते हुए विभाग ने येलो अलर्ट जारी कर लोगों को सतर्क रहने की अपील की है।

राजधानी देहरादून का मौसम

राजधानी देहरादून में आसमान आंशिक से लेकर मुख्य रूप से बादलों से घिरा रह सकता है। कुछ इलाकों में गरज के साथ बादल विकसित होने की भी संभावना जताई गई है। यहां अधिकतम तापमान करीब 16 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 9 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

कोहरे से घटी विजिबिलिटी, सड़कों पर रेंगते दिखे वाहन

प्रदेश में लंबे समय से बारिश न होने के कारण मौसम शुष्क है। पहाड़ी जिलों में जहां कड़ाके की ठंड पड़ रही है, वहीं मैदानी क्षेत्रों में कोहरे और शीत दिवस ने लोगों की परेशानियां बढ़ा दी हैं। कई मार्गों पर दृश्यता बेहद कम हो गई है, जिससे वाहन धीमी गति से चल रहे हैं। वाहन चालक लाइट जलाकर सफर करने को मजबूर हैं और कम विजिबिलिटी के चलते हादसों का खतरा भी बढ़ गया है।

ठंड से बचाव के लिए अलाव का सहारा

कड़ाके की ठंड और शीत लहर से बचने के लिए लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा ले रहे हैं। मौसम विभाग ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने, वाहन चलाते समय सावधानी बरतने और ठंड से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है।

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