Uttarakhand Weather Alert के बीच राज्य में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने जा रहा है। एक ओर मैदानी क्षेत्रों में भीषण गर्मी और तेज धूप ने लोगों का जीना मुश्किल कर दिया है, वहीं दूसरी ओर मौसम विभाग ने गुरुवार से राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और अंधड़ की चेतावनी जारी की है। देहरादून समेत छह जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है।
पिछले कई दिनों से उत्तराखंड के मैदानी क्षेत्रों में तापमान लगातार बढ़ रहा है। रुड़की, पंतनगर, खटीमा और हरिद्वार जैसे इलाकों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास या उससे ऊपर पहुंच चुका है। गर्म हवाओं और तेज धूप के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा देखने को मिल रहा है।
पश्चिमी विक्षोभ से बदलेगा मौसम
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार Uttarakhand Weather Alert का मुख्य कारण गुरुवार से सक्रिय होने वाला नया पश्चिमी विक्षोभ है। इसके प्रभाव से राज्य के पर्वतीय और कुछ मैदानी क्षेत्रों में मौसम अचानक करवट ले सकता है।
मौसम विभाग का अनुमान है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर से बादलों की गतिविधियां बढ़ेंगी और कई जिलों में गर्जन, बिजली चमकने, तेज हवाएं चलने तथा ओलावृष्टि की घटनाएं देखने को मिल सकती हैं। इससे लंबे समय से जारी गर्मी से कुछ राहत मिलने की उम्मीद भी जताई जा रही है।
छह जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी
Uttarakhand Weather Alert के तहत मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, पिथौरागढ़ और चंपावत जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। साथ ही आकाशीय बिजली गिरने, गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि की भी संभावना जताई गई है।
प्रशासन को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
बुधवार को इन क्षेत्रों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बुधवार को उत्तरकाशी, देहरादून और टिहरी जिलों के कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
इसके अलावा चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और नैनीताल जैसे पर्वतीय जिलों में भी कहीं-कहीं हल्की वर्षा होने की संभावना है। हालांकि हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में मौसम मुख्य रूप से शुष्क बना रहेगा।
मैदानी क्षेत्रों में गर्मी का कहर जारी
Uttarakhand Weather Alert के बावजूद राज्य के मैदानी क्षेत्रों में गर्मी फिलहाल कम होने के संकेत नहीं हैं। मौसम विभाग का कहना है कि अगले एक से दो दिनों तक तापमान में एक से दो डिग्री सेल्सियस की और वृद्धि हो सकती है।
देहरादून में अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि पंतनगर में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। गर्मी के कारण अस्पतालों में भी डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक के मामलों में वृद्धि देखी जा रही है।
विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीने की सलाह दी है।
पहाड़ों में राहत का माहौल
जहां मैदानी क्षेत्र गर्मी से झुलस रहे हैं, वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत सुहावना बना हुआ है।
मुक्तेश्वर में अधिकतम तापमान 26.2 डिग्री सेल्सियस और नई टिहरी में 26.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। आंशिक बादलों और हल्की बारिश ने पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम को संतुलित बनाए रखा है।
पर्यटन स्थलों पर आने वाले पर्यटकों को भी मौसम का आनंद लेने का अवसर मिल रहा है। हालांकि आगामी दिनों में मौसम खराब होने की आशंका को देखते हुए यात्रियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
किसानों के लिए चेतावनी और सलाह
Uttarakhand Weather Alert का असर कृषि गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे खेतों में कटाई या सुखाने का कार्य सावधानीपूर्वक करें।
ओलावृष्टि और तेज हवाओं से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका बनी हुई है। फल उत्पादक क्षेत्रों में भी बागवानों को सतर्क रहने को कहा गया है।
प्रशासन ने बढ़ाई निगरानी
ऑरेंज अलर्ट जारी होने के बाद जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग ने निगरानी बढ़ा दी है। बिजली, पेयजल और सड़क विभागों को भी अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए गए हैं।
संभावित आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव टीमों को तैयार रखा गया है ताकि किसी भी स्थिति में त्वरित कार्रवाई की जा सके।
अगले कुछ दिनों में मिलेगी गर्मी से राहत
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के बाद राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान में दो से चार डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है।
ऐसे में Uttarakhand Weather Alert केवल चेतावनी ही नहीं बल्कि भीषण गर्मी से राहत का संकेत भी माना जा रहा है। हालांकि तेज हवाओं, बिजली और ओलावृष्टि को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
राज्य में अगले कुछ दिनों तक मौसम की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर नए अलर्ट भी जारी किए जा सकते हैं।



