देहरादून: उत्तराखंड पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने विकासनगर क्षेत्र से वन्यजीव तस्करी के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। तस्कर के कब्जे से कस्तूरी हिरण की एक कस्तूरी (25.62 ग्राम) और दो हिरण के पंजे बरामद हुए हैं। कस्तूरी हिरण और उसके अंग वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की पहली अनुसूची में आते हैं, जिनका शिकार करना और तस्करी करना एक गंभीर अपराध है।
गिरफ्तार तस्कर की पहचान कृष्ण कुमार के रूप में हुई है, जो दिल्ली के किसी बड़े तस्कर को सिर्फ डिलीवरी देने का काम कर रहा था। एसटीएफ के अधिकारियों के अनुसार, कस्तूरी हिरण को मारने वाला व्यक्ति अभी फरार है, और उसकी तलाश की जा रही है। इस मामले में एसटीएफ ने दिल्ली स्थित वाइल्डलाइफ क्राइम कंट्रोल ब्यूरो (डब्ल्यूसीसीबी) से सूचना प्राप्त की थी, जिसके आधार पर एसटीएफ ने त्वरित कार्रवाई की।
एसटीएफ के एसपी चंद्र मोहन सिंह ने बताया कि उन्हें डब्ल्यूसीसीबी से सूचना मिली थी कि विकासनगर क्षेत्र में वन्यजीव अंगों और खाल की तस्करी हो रही है। इसके बाद, एसटीएफ ने क्षेत्र में विशेष छानबीन शुरू की और मुखबिर से प्राप्त जानकारी के आधार पर विकासनगर के शक्ति नहर पुल नंबर 2 के पास कृष्ण कुमार को गिरफ्तार किया।
कृष्ण कुमार के पास से बरामद कस्तूरी और हिरण के पंजे, जिनकी लंबाई क्रमशः 22 सेमी और 18 सेमी थी, अवैध रूप से तस्करी की जा रही वस्तुएं थीं। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह केवल इन वस्तुओं की डिलीवरी कर रहा था, और उसे कस्तूरी हिरण का शिकार करने वाले व्यक्ति के बारे में जानकारी नहीं थी। एसटीएफ अब इस मामले में और गहराई से जांच कर रही है और दूसरे संदिग्धों की तलाश में जुटी है।
यह कार्रवाई उत्तराखंड एसटीएफ के लिए एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है, क्योंकि राज्य में वन्यजीवों की तस्करी पर काबू पाने के लिए यह लगातार प्रयास कर रही है। एसटीएफ ने यह भी कहा कि वन्यजीव संरक्षण में लापरवाही और तस्करी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
इस मामले में एसटीएफ के अलावा वन विभाग से भी समन्वय किया जा रहा है, और यदि अन्य आरोपी पाए जाते हैं, तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

