उत्तराखंड

उत्तराखंड में हवाई सेवाओं की नई उड़ान — 25 साल में 90 हेलीपैड और 7 हेलीपोर्ट से सजी आकाशीय कनेक्टिविटी

A new era of air services in Uttarakhand – aerial connectivity enhanced with 90 helipads and 7 heliports in 25 years.

देहरादून: उत्तराखंड राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर जहां प्रदेश रजत जयंती वर्ष मना रहा है, वहीं यह पर्व हवाई संपर्क के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय उपलब्धियों का गवाह बना है। राज्य गठन के समय जहां केवल दो एयरपोर्ट से वाणिज्यिक हवाई सेवाओं का संचालन होता था, वहीं अब उत्तराखंड में 90 हेलीपैड और 7 अत्याधुनिक हेलीपोर्ट मौजूद हैं। आने वाले समय में प्रदेश को और 5 नए हेलीपोर्ट की सौगात मिलने जा रही है।

राज्य गठन से हवाई संपर्क की शुरुआत तक

साल 2000 में उत्तर प्रदेश से अलग होकर बने उत्तराखंड में प्रारंभ में केवल पांच एयरस्ट्रिप थीं — जौलीग्रांट, पंतनगर, गौचर, चिन्यालीसौड़ और पिथौरागढ़। उस समय वाणिज्यिक सेवाएं केवल जौलीग्रांट और पंतनगर एयरपोर्ट से संचालित होती थीं। धीरे-धीरे राज्य में हवाई यात्रा की मांग और तीर्थाटन के बढ़ते दायरे को देखते हुए हेली सेवाओं की आवश्यकता महसूस की जाने लगी।

यूकाडा का गठन और हेली सेवाओं की मजबूती

प्रदेश में हवाई सेवाओं के विस्तार को गति देने के लिए वर्ष 2013 में उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण (UCADA) का गठन किया गया। इसी के बाद राज्य में हेली सेवाओं के विकास की दिशा में ठोस कार्य शुरू हुए। विशेष रूप से 2013 की केदारनाथ आपदा ने हवाई कनेक्टिविटी की आवश्यकता को और गहराई से महसूस कराया, जिसके बाद हेलीपैड नेटवर्क के निर्माण को प्राथमिकता दी गई।

उड़ान योजना से नई दिशा

केंद्र सरकार की उड़ान योजना (UDAN) के तहत फरवरी 2020 में उत्तराखंड में पहली हेली सेवा शुरू की गई। वर्तमान में इस योजना के तहत राज्य में 12 रूटों पर हेली सेवाएं और 4 रूटों पर विमान सेवाएं संचालित हो रही हैं। इनमें देहरादून-नैनीसैनी, नैनीसैनी-पंतनगर, अल्मोड़ा-हल्द्वानी और पिथौरागढ़-मुनस्यारी जैसे रूट शामिल हैं।

राज्य योजना से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को बल

केंद्र की योजना के अलावा उत्तराखंड सरकार ने दिसंबर 2023 में उत्तराखंड हवाई संपर्क योजना लागू की, जिसके तहत सहस्त्रधारा, गौचर, जोशियाड़ा और श्रीनगर के बीच 6 रूटों पर हेली सेवाएं शुरू की गई हैं। इस योजना के तहत दिल्ली से पिथौरागढ़ तक सीधी फ्लाइट भी संचालित की जा रही है, जो सप्ताह में तीन दिन चलती है।

इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और भविष्य की योजना

नागरिक उड्डयन सचिव सचिन कुर्वे के अनुसार, वर्तमान में राज्य में 13 हेलीपोर्ट प्रस्तावित हैं, जिनमें से 7 तैयार हैं और 6 पर कार्य जारी है। सहस्त्रधारा हेलीपैड को अपग्रेड कर मॉडल हेलीपोर्ट बनाया गया है, जबकि पंतनगर एयरपोर्ट के विस्तार के लिए 804 एकड़ भूमि अधिग्रहीत की जा चुकी है।
इसके साथ ही गौचर और चिन्यालीसौड़ हेलीपैड को व्यावसायिक संचालन में लाने की योजना इस वर्ष दिसंबर तक तैयार हो जाएगी।

उत्तराखंड का लक्ष्य – पहाड़ों से आसमान तक कनेक्टिविटी

राज्य सरकार का उद्देश्य न केवल धार्मिक और पर्यटन स्थलों को आपस में जोड़ना है, बल्कि दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों तक भी सुरक्षित और तेज़ हवाई सेवाएं उपलब्ध कराना है। इन पहलों से उत्तराखंड न केवल देश का एक प्रमुख हेलीकॉप्टर हब बनने की दिशा में अग्रसर है, बल्कि हवाई संपर्क के जरिए विकास के नए आयाम भी स्थापित कर रहा है।

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