“बसपा महाराष्ट्र और झारखंड में अकेले ही जाएगी चुनावी मैदान में”
हरियाणा में बसपा इनेलो के साथ मिलकर चुनाव लड़ी थी

लखनऊ/उत्तर प्रदेश : हरियाणा विधानसभा चुनावों के बाद अब बसपा के नेशनल कोऑर्डिनेटर आकाश आनंद महाराष्ट्र में रैलियों की तैयारी कर रहे हैं। आकाश पूरे महाराष्ट्र में 15 से 20 रैलियां कर सकते हैं। हरियाणा विधानसभा चुनावों के बाद मायावती ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी क्षेत्रीय दल के साथ तालमेल करके चुनाव मैदान में नहीं उतरेंगी। बसपा महाराष्ट्र और झारखंड में अकेले ही मैदान में जाएगी। हरियाणा में बसपा इनेलो के साथ मिलकर चुनाव लड़ी थी। बसपा के किसी भी उम्मीदवार को जीत नहीं मिली, जबकि इनेलो का एक प्रत्याशी जीतने में सफल रहा था। हालांकि, पिछले चुनावों के प्रदर्शन के लिहाज से अगर देखा जाए तो बसपा का प्रदर्शन हरियाणा में अच्छा रहा था। अब पार्टी की नजर महाराष्ट्र और झारखंड में अपना प्रदर्शन सुधारने पर है। बसपा इसी सप्ताह अपने प्रत्याशियों के नामों की घोषणा करेगी और उसके बाद पार्टी के दोनों शीर्ष नेता प्रचार की कमान संभालेंगे।
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव की कमान संभालेंगे “आकाश आनंद, “बसपा ने बनाया मेगा प्लान।
हालांकि, अब तक कार्यक्रम की रूपरेखा फाइनल नहीं हुई है, लेकिन माना जा रहा है कि इस सप्ताह से ही उनकी रैलियां शुरू हो जाएंगी। उनके अलावा बसपा प्रमुख मायावती भी प्रत्याशियों के समर्थन में प्रचार करेंगी। हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में विधानसभा चुनाव संपन्न हो गए हैं। अब महाराष्ट्र और झारखंड में चुनाव की तारीखों का ऐलान हो गया है और पार्टियां अपनी तैयारियों में जुट गई हैं। महाराष्ट्र और झारखंड के साथ ही यूपी में भी नौ विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होने हैं। अन्य राज्यों की अपेक्षा उत्तर प्रदेश बसपा के लिए ज्यादा बड़ी चुनौती है।

लिहाजा कार्यक्रमों की रूपरेखा ऐसे तैयार की जा रही है, जिससे उत्तर प्रदेश के प्रचार पर किसी भी तरह का कोई असर न पड़े। अपनी खिसकी हुई सियासी जमीन वापस पाने में जुटी बसपा इन उपचुनावों में बेहतर प्रदर्शन करके 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए मजबूत संदेश देना चाहती है। ऐसे में पार्टी का फोकस तो उत्तर प्रदेश ही रहेगा।
आकाश आनंद पूरे महाराष्ट्र में 15 से 20 रैलियां कर सकते हैं।
महाराष्ट्र और झारखंड में पार्टी अपने पिछले रेकॉर्ड को दुरुस्त करना चाहेगी। महाराष्ट्र में बसपा का कोई भी प्रत्याशी कभी नहीं जीता है। ऐसे में वह वहां खाता खोलने पर भी नजरें बनी हुई हैं। ऐसे में बसपा पूरी प्लानिंग के साथ महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव मैदान में उतर रही है।

