Blogउत्तराखंड

UPCL Consumer Service Rating: बिजली उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान में UPCL अव्वल; राष्ट्रीय रेटिंग में मिला ‘ए-प्लस’ ग्रेड

UPCL Consumer Service Rating: UPCL tops in resolving electricity consumer complaints; receives 'A-plus' grade in national rating

उत्तराखंड पावर कारपोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी कार्यप्रणाली का लोहा मनवाया है। देश की बिजली वितरण कंपनियों (डिस्कॉम्स) के प्रदर्शन पर जारी नवीनतम ‘कंज्यूमर सर्विस रेटिंग ऑफ डिस्कॉम्स’ (CSRD) की रिपोर्ट में यूपीसीएल को उपभोक्ता शिकायतों के त्वरित निस्तारण और फाल्ट सुधार में सर्वश्रेष्ठ ‘ए-प्लस’ (A+) रेटिंग प्राप्त हुई है।

यह उपलब्धि उत्तराखंड के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि देश भर की 66 बिजली वितरण कंपनियों के कड़े मूल्यांकन के बाद यूपीसीएल ने शीर्ष पायदान पर जगह बनाई है।

फाल्ट सुधार और शिकायत निवारण में यूपीसीएल का ‘ए-प्लस’ प्रदर्शन

UPCL Consumer Service Rating के आंकड़ों के अनुसार, कंपनी ने ‘ऑपरेशनल विश्वसनीयता’ और ‘शिकायत निवारण तंत्र’ (Grievance Redressal) में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

  • शिकायत निवारण: बिजली कटौती या तकनीकी खराबी की शिकायतों को दूर करने में यूपीसीएल को ए-प्लस ग्रेड मिला है।

  • ऑपरेशनल विश्वसनीयता: सुचारू बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के मामले में कंपनी को ‘ए’ ग्रेड से नवाजा गया है।

  • स्थिर रेटिंग: पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में राज्य की रेटिंग स्थिर बनी हुई है, जो सेवाओं की निरंतरता को दर्शाती है।

इन क्षेत्रों में अभी और सुधार की गुंजाइश

जहाँ एक ओर यूपीसीएल ने शिकायतों के समाधान में बाजी मारी है, वहीं कुछ मोर्चों पर अभी भी सुधार की आवश्यकता महसूस की गई है। रिपोर्ट के अनुसार:

  1. नए कनेक्शन और अन्य सेवाएं: इस श्रेणी में कंपनी को ‘बी-प्लस’ (B+) ग्रेड मिला है।

  2. मीटरिंग, बिलिंग और कलेक्शन: यहाँ भी यूपीसीएल को ‘बी-प्लस’ रेटिंग दी गई है, जो यह संकेत देता है कि बिलिंग प्रणाली को और अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से उन्नत बनाने की जरूरत है।

देशभर की 66 कंपनियों में बनाई अपनी पहचान

केंद्र सरकार द्वारा जारी इस मूल्यांकन रिपोर्ट में देशभर की कुल 66 बिजली वितरण कंपनियों को शामिल किया गया था। इनमें से:

  • मात्र 6 कंपनियों को ही ‘ए-प्लस’ रेटिंग प्राप्त हुई।

  • 21 कंपनियां ‘ए’ ग्रेड में रहीं।

  • 27 कंपनियों को ‘बी-प्लस’ मिला, जबकि शेष कंपनियां निचली श्रेणियों में रहीं।

इस रैंकिंग से स्पष्ट है कि उत्तराखंड उन राज्यों की सूची में प्रमुखता से शामिल है जहाँ बिजली सेवाएं संतुलित और उपभोक्ता-केंद्रित मानी जाती हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button