उत्तराखंड

बजट सत्र के अंतिम दिन विभागवार बजट पारित, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण विकास पर सरकार का विशेष जोर

Department-wise budget passed on the last day of the budget session

गैरसैंण: उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र 2026 के अंतिम दिन शुक्रवार को सदन में विभिन्न विभागों के लिए रखे गए बजट प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। चर्चा के बाद विभागवार विनियोग पारित किए गए और इसके साथ ही सत्र की कार्यवाही समाप्त हो गई। सरकार ने वित्तीय वर्ष के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य, पुलिस, ग्रामीण विकास और बुनियादी ढांचे जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में बड़े बजट का प्रावधान किया है।

कई प्रमुख विभागों के लिए बड़ी धनराशि स्वीकृत

सत्र के अंतिम दिन विभिन्न विभागों के बजट पर चर्चा के बाद उन्हें सदन की मंजूरी मिल गई। निर्वाचन विभाग के लिए 223 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पारित किया गया, जबकि राजस्व एवं सामान्य प्रशासन विभाग के लिए 2731 करोड़ रुपये से अधिक की राशि निर्धारित की गई।

इसके अलावा वित्त, कर, नियोजन, सचिवालय और अन्य सेवाओं के लिए सबसे बड़ा बजट रखा गया है। इस विभाग के लिए 20,361 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया, जो कुल बजट का बड़ा हिस्सा है। आबकारी विभाग के लिए 55 करोड़ रुपये से अधिक और लोक सेवा आयोग के लिए 34 करोड़ रुपये से अधिक का बजट स्वीकृत किया गया।

कानून व्यवस्था और शिक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता

प्रदेश में कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पुलिस और जेल विभाग के लिए 3524 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि का प्रावधान किया गया है। वहीं शिक्षा, खेल एवं युवा कल्याण और संस्कृति विभाग के लिए 13,552 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पारित किया गया, जो राज्य के विकास के लिए अहम माना जा रहा है।

सरकार का कहना है कि शिक्षा क्षेत्र में निवेश बढ़ाने से युवाओं को बेहतर अवसर मिलेंगे और राज्य के मानव संसाधन को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

स्वास्थ्य और शहरी विकास के लिए भी बड़ा प्रावधान

स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के लिए 4546 करोड़ रुपये से अधिक का बजट रखा गया है। इसके अलावा जलापूर्ति, आवास एवं नगर विकास विभाग के लिए 4243 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है।

सूचना विभाग के लिए 549 करोड़ रुपये से अधिक और श्रम एवं रोजगार विभाग के लिए 586 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पारित किया गया। कृषि एवं कृषि अनुसंधान विभाग के लिए 1495 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि निर्धारित की गई, जबकि सहकारिता विभाग के लिए 132 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है।

ग्रामीण विकास और आधारभूत ढांचे पर फोकस

ग्रामीण क्षेत्रों के विकास को गति देने के लिए ग्राम्य विकास विभाग के लिए 3860 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पारित किया गया। वहीं सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण के लिए 1591 करोड़ रुपये से अधिक की राशि रखी गई है।

ऊर्जा विभाग के लिए 1976 करोड़ रुपये से अधिक और लोक निर्माण विभाग (PWD) के लिए 3580 करोड़ रुपये से अधिक का बजट स्वीकृत किया गया। उद्योग विभाग के लिए 584 करोड़ रुपये से अधिक और खाद्य विभाग के लिए 1648 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है।

पर्यटन, वन और सामाजिक कल्याण पर भी ध्यान

पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन विभाग के लिए 504 करोड़ रुपये से अधिक की राशि रखी गई है। वन विभाग के लिए 1149 करोड़ रुपये से अधिक और पशुपालन विभाग के लिए 925 करोड़ रुपये से अधिक का बजट पारित किया गया।

इसके साथ ही समाज कल्याण विभाग के अंतर्गत अनुसूचित जाति के लिए 2468 करोड़ रुपये और अनुसूचित जनजाति के लिए 746 करोड़ रुपये से अधिक का बजट स्वीकृत किया गया है।

सरकार का कहना है कि इस बजट के माध्यम से राज्य में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

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