उत्तराखंड

विकसित भारत-गारंटी योजना से उत्तराखंड को नई दिशा, ग्रामीण रोजगार और आपदा प्रबंधन को मिलेगा संबल

The Developed India Guarantee Scheme will give a new direction to Uttarakhand, strengthening rural employment and disaster management.

देहरादून: केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण (VB-G RAM G) उत्तराखंड के लिए एक नई उम्मीद लेकर आई है। पर्वतीय और आपदा-संवेदनशील राज्य होने के कारण उत्तराखंड को हर साल भूस्खलन, बादल फटने और जलभराव जैसी आपदाओं का सामना करना पड़ता है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि इस योजना से मिलने वाली धनराशि न सिर्फ ग्रामीण रोजगार को मजबूत करेगी, बल्कि आपदा से होने वाले नुकसान की भरपाई और त्वरित राहत पहुंचाने में भी मददगार होगी।

ग्रामीण रोजगार नीति में बड़ा बदलाव

मुख्यमंत्री धामी ने इस अधिनियम को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह केवल मनरेगा का विस्तार नहीं, बल्कि ग्रामीण रोजगार नीति की पूरी तरह से नई रूपरेखा है। इसका उद्देश्य गांवों को आत्मनिर्भर बनाना और स्थानीय स्तर पर विकास को बढ़ावा देना है। उनके अनुसार, यह योजना किसानों को सुरक्षा, मजदूरों को स्थायी रोजगार और महिलाओं को सम्मान देने के साथ-साथ गांवों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएगी।

अब 125 दिन का रोजगार

VB-G RAM G योजना के तहत ग्रामीण परिवारों को अब 100 की जगह 125 दिन का रोजगार मिलेगा। यदि 15 दिनों के भीतर काम नहीं मिलता है, तो बेरोजगारी भत्ता देना अनिवार्य होगा। भुगतान व्यवस्था को भी सरल और पारदर्शी बनाया गया है। मजदूरी का भुगतान साप्ताहिक आधार पर किया जाएगा और देरी होने पर मुआवजे का प्रावधान रखा गया है। इससे श्रमिकों को समय पर मेहनत का पूरा लाभ मिल सकेगा।

तकनीक से बढ़ेगी पारदर्शिता

योजना में तकनीक के उपयोग पर विशेष जोर दिया गया है। बायोमेट्रिक हाजिरी, जियो-टैगिंग, जीआईएस मैपिंग और मोबाइल एप के जरिए काम की निगरानी की जाएगी। इसके साथ ही सार्वजनिक डैशबोर्ड और नियमित सोशल ऑडिट से भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी और योजनाओं का सही लाभ जरूरतमंदों तक पहुंचेगा।

किसानों और ग्राम सभाओं को सशक्त करने की पहल

किसानों के हितों की रक्षा के लिए खेती के प्रमुख मौसम में योजना के कार्यों पर सीमित रोक लगाई जा सकेगी, ताकि मजदूरों की कमी न हो। वहीं, ग्राम सभा और ग्राम पंचायतों को विकास कार्य तय करने का अधिकार दिया गया है। कम से कम आधे काम पंचायत स्तर पर ही कराए जाएंगे, जिससे स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास संभव हो सकेगा।

महिला सशक्तिकरण और स्थायी विकास

इस योजना में महिला सशक्तिकरण को भी अहम स्थान दिया गया है। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए स्किल सेंटर, शेड और ग्रामीण हाट जैसी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे महिलाओं को गांव में ही रोजगार मिलेगा और पलायन पर भी रोक लगेगी। साथ ही जल संरक्षण, सड़क, नाली, स्कूल और स्वास्थ्य केंद्र जैसे कार्यों से गांवों की बुनियादी संरचना मजबूत होगी।

उत्तराखंड के लिए क्यों अहम है योजना

हिमालयी राज्य होने के कारण उत्तराखंड को केंद्र सरकार की ओर से 90 प्रतिशत वित्तीय सहयोग मिलेगा। इससे राज्य पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा और विकास कार्य तेजी से पूरे हो सकेंगे। कुल मिलाकर, VB-G RAM G योजना उत्तराखंड के ग्रामीण इलाकों को सुरक्षित, आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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