
कानपुर /उत्तर प्रदेश : (एजेंसी) आईआईटी कानपुर में दिवाली के दिन उस समय बखेड़ा खड़ा हो गया, जब त्योहार से संबंधित एक कार्यक्रम का नाम मुगलिया तर्ज पर रख दिया गया. मुगलिया तर्ज पर नाम रखने का छात्रों ने जमकर विरोध किया. जिसके बाद पूरे विवाद पर मैनेजमेंट ने हस्तक्षेप किया और फिर कार्यक्रम का नाम बदला दिया गया. पूरे मामले पर संस्थान के डायरेक्टर का कहना है कि इस पूरे मामले में संस्था के किसी भी कर्मचारी की कोई भी भूमिका नहीं है।

आईआईटी कानपुर में विदेशी छात्र-छात्राओं को भारतीय संस्कृति से परिचित कराने के लिए दिवाली उत्सव का आयोजन किया गया था. इस कार्यक्रम का आयोजन डीन ऑफ इंटरनेशनल रिलेशन की तरफ से किया गया था. इस कार्यक्रम का जब बैनर लगा तो उसमें नाम “जश्न ए रोशनी” लिखा था. इस नाम को लिखा देख कर विवाद हो गया. विवाद खड़ा होता देख मैनेजमेंट ने पूरे मामले में हस्तक्षेप किया और फिर कार्यक्रम का नाम बदलवा दिया गया।
“जश्न ए रोशनी” पर छिड़ा संग्राम
इस घटना के बाद दिवाली कार्यक्रम का नाम “जश्न ए रोशनी” रखने पर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई. इंटरनेट पर लोगों ने सवाल खड़े किए कि जब विदेशी स्टूडेंट्स को भारतीय त्योहार की संस्कृति से अवगत कराना था तो मुगलिया नाम रखने की जरूरत क्या थी. इसी के साथ लोगों ने कार्यक्रम का नाम तय करने वालों की मंशा पर सवाल उठाए. वहीं संस्थान के डायरेक्टर मणींद्र अग्रवाल का कहना था कि यह कार्यक्रम स्टूडेंट्स का था और उन्होंने ही शीर्षक रखा था।



