Pantnagar Kisan Mela 2026: 119वें अखिल भारतीय किसान मेले का शुभारंभ, आधुनिक तकनीक और योजनाओं की मिली जानकारी
119th All India Kisan Mela inaugurated, information on modern technology and schemes available
रुद्रपुर: ऊधम सिंह नगर जिले के पंतनगर स्थित गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में 119वें अखिल भारतीय किसान मेले का भव्य शुभारंभ हुआ। तीन दिवसीय इस आयोजन का उद्घाटन उत्तराखंड के मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami ने फीता काटकर और दीप प्रज्ज्वलित कर किया। मेले में देश के विभिन्न राज्यों से आए किसान, कृषि वैज्ञानिक और विशेषज्ञ बड़ी संख्या में शामिल हुए।
इस बार के मेले में आधुनिक खेती, उन्नत बीज, नई तकनीकों और कृषि उपकरणों से जुड़े 350 से अधिक स्टॉल लगाए गए हैं। मेले का उद्देश्य किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना और उनकी आय बढ़ाने के लिए उन्हें नई जानकारी उपलब्ध कराना है।
स्टॉलों का निरीक्षण, किसानों से किया संवाद
उद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेले में लगे विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों से उन्नत किस्म के बीज, आधुनिक उपकरणों और खेती में इस्तेमाल होने वाली नई तकनीकों के बारे में जानकारी ली।
मुख्यमंत्री ने मेले में पहुंचे किसानों से भी बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। किसानों ने खेती से जुड़ी चुनौतियों, उत्पादन लागत और बाजार से संबंधित मुद्दों को उनके सामने रखा। मुख्यमंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि सरकार कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है।
किसानों के लिए ज्ञान और नवाचार का मंच
विश्वविद्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंतनगर किसान मेला किसानों के लिए ज्ञान और नवाचार का बड़ा मंच है। यहां उन्हें एक ही स्थान पर आधुनिक कृषि तकनीक, उन्नत बीज और नवीन उपकरणों के बारे में जानकारी मिलती है।
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से किसानों को नई तकनीक अपनाने के लिए प्रेरणा मिलती है और खेती को अधिक लाभकारी बनाने के रास्ते खुलते हैं।
किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और उनकी समृद्धि से ही देश का विकास संभव है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में किसानों की अहम भूमिका है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की नई किस्त जारी की गई, जिसका लाभ उत्तराखंड के करीब नौ लाख किसानों को मिला है। इसके अलावा जंगली जानवरों से फसलों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए 25 करोड़ रुपये की पहली किस्त भी जारी की गई है।
आधुनिक खेती और नई फसलों को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक की सब्सिडी दे रही है, ताकि किसान नई तकनीकों को अपनाकर अपनी उत्पादकता बढ़ा सकें।
इसके साथ ही ड्रैगन फ्रूट जैसी नई फसलों की खेती को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। सरकार बागवानी और विविध फसलों को बढ़ावा देकर किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में काम कर रही है।
मशरूम और शहद उत्पादन में बढ़ती संभावनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड मशरूम उत्पादन के मामले में देश में पांचवें स्थान पर पहुंच चुका है, जबकि शहद उत्पादन में राज्य आठवें स्थान पर है। उन्होंने कहा कि मधुमक्खी पालन और शहद उत्पादन के क्षेत्र में राज्य में काफी संभावनाएं हैं और सरकार इस दिशा में किसानों को प्रोत्साहित कर रही है।
प्रगतिशील किसानों का हुआ सम्मान
कार्यक्रम के दौरान कई प्रगतिशील किसानों को “प्रगतिशील किसान सम्मान” से सम्मानित किया गया। उन्हें नकद प्रोत्साहन राशि और सम्मान पत्र देकर उनके कार्यों की सराहना की गई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान मेले जैसे आयोजन किसानों को नई दिशा देते हैं। यदि किसान आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाएं, तो आने वाले समय में उत्तराखंड की कृषि और अधिक मजबूत और समृद्ध हो सकती है।

