हल्द्वानी: उत्तराखंड में पहाड़ों की ओर जाने वाले यात्रियों को अक्सर जाम की गंभीर समस्या से जूझना पड़ता है, खासकर कैंची धाम और पिथौरागढ़ जैसे धार्मिक व पर्यटन स्थलों की ओर यात्रा करने वालों को। इस समस्या को ध्यान में रखते हुए लोक निर्माण विभाग (PWD) ने एक बड़ा कदम उठाया है। काठगोदाम पुल से अमृतपुर तक करीब 3.5 किलोमीटर लंबा बाईपास मार्ग बनाने की योजना पर तेजी से काम शुरू हो गया है।
सर्वे के लिए 65 लाख का बजट जारी
PWD के मुख्य अभियंता प्रह्लाद सिंह बृजवाल ने जानकारी दी कि काठगोदाम, रानीबाग और गुलाब घाटी क्षेत्र में ट्रैफिक जाम की समस्या के समाधान के लिए गौला पुल से अमृतपुर तक टू-लेन सड़क का निर्माण किया जाएगा। इस योजना का पहला चरण शुरू हो चुका है, जिसमें सर्वे कार्य के लिए 65 लाख रुपये का बजट जारी किया गया है।
वन भूमि हस्तांतरण और पुल निर्माण पर भी काम जारी
योजना के दूसरे चरण में प्रस्तावित मार्ग के लिए वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया प्राथमिकता पर है। DFO स्तर पर कार्रवाई जारी है और आपत्तियों का निस्तारण लोनिवि व वन विभाग मिलकर कर रहे हैं। बाईपास में 90 मीटर लंबा एक पुल भी प्रस्तावित है, जिसकी योजना भूमि अधिग्रहण के बाद DPR के तहत तैयार की जाएगी। DPR तैयार होते ही इसे शासन को बजट स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा।
कैंची धाम और पहाड़ों के यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ
मुख्य अभियंता ने बताया कि इस बाईपास से सबसे ज्यादा लाभ कैंची धाम और अन्य पर्वतीय क्षेत्रों में जाने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को मिलेगा। जाम की समस्या से निजात मिलने से यात्रा अनुभव बेहतर होगा।
सड़क सुरक्षा के लिए करोड़ों की योजनाएं
इसके साथ ही भीमताल विधानसभा क्षेत्र में स्थित ओखलकांडा और धारी ब्लॉक में 19 करोड़ रुपये की लागत से सुरक्षात्मक कार्य किए जाएंगे। वहीं, खनस्यूं-पतलोट मार्ग पर क्रैश बैरियर लगाने के लिए 4.65 करोड़, पदमपुरी-पहाड़पानी मार्ग पर 8 करोड़, और मोरनौला-भीड़ापानी मार्ग पर 6.76 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। टेंडर प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है और जल्द ही कार्य शुरू हो जाएगा।

