देहरादून से दिल्ली तक दिखेगी उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान
Uttarakhand's cultural identity will be visible from Dehradun to Delhi.
देहरादून: उत्तराखंड अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर रजत जयंती वर्ष को राष्ट्रीय स्तर पर भव्य रूप में मनाने जा रहा है। राज्य सरकार द्वारा तैयार की गई विशेष झांकियों के माध्यम से उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, लोक परंपराओं और विकास यात्रा को देशभर के लोगों के सामने प्रस्तुत किया जाएगा। देहरादून के परेड ग्राउंड में आयोजित राज्य स्तरीय गणतंत्र दिवस समारोह से लेकर राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले में आयोजित भारत पर्व तक, उत्तराखंड की झांकियां आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेंगी।
इन झांकियों में राज्य की 25 वर्षों की उपलब्धियों, पर्यटन विकास, सांस्कृतिक संरक्षण और आत्मनिर्भरता की दिशा में किए गए प्रयासों को कलात्मक ढंग से दर्शाया गया है। सीमित संसाधनों और विषम भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद उत्तराखंड ने जिस तरह से विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है, उसकी झलक इन प्रस्तुतियों में साफ दिखाई देगी।
भारत पर्व में ‘आत्मनिर्भर उत्तराखंड’ की प्रभावी प्रस्तुति
राजधानी दिल्ली में 26 से 31 जनवरी तक आयोजित भारत पर्व में उत्तराखंड की झांकी ‘आत्मनिर्भर उत्तराखंड’ की अवधारणा पर आधारित होगी। इस झांकी के माध्यम से राज्य की सांस्कृतिक, आर्थिक और पारंपरिक आत्मनिर्भरता को प्रमुखता से उकेरा जाएगा। झांकी के ट्रेलर सेक्शन में उत्तराखंड के पारंपरिक वाद्य यंत्र ढोल और रणसिंघा की तांबे से निर्मित विशाल प्रतिकृतियां विशेष आकर्षण का केंद्र होंगी।
इसके साथ ही तांबे के भव्य मंजीरे की आकृति भी दर्शाई गई है, जो प्रदेश की प्राचीन ताम्र शिल्प परंपरा और स्थानीय कारीगरों की दक्षता का प्रतीक है। यह प्रस्तुति न केवल लोक संस्कृति को सम्मान देती है, बल्कि स्थानीय हस्तशिल्प और कारीगरों को प्रोत्साहन देने का संदेश भी देती है।
परेड ग्राउंड में पर्यटन, आस्था और विकास का संगम
देहरादून के परेड ग्राउंड में गणतंत्र दिवस समारोह के लिए तैयार झांकी में चारधाम यात्रा, प्रमुख पर्यटन स्थल, धार्मिक आस्थाएं, प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ दर्शाया गया है। झांकी यह संदेश देती है कि उत्तराखंड अध्यात्म और पर्यटन के साथ-साथ सतत विकास के मार्ग पर निरंतर आगे बढ़ रहा है।
प्रशासन ने लिया तैयारियों का जायजा
गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर जिलाधिकारी सविन बंसल और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने परेड ग्राउंड का निरीक्षण किया। उन्होंने मंच व्यवस्था, अतिथियों के बैठने की व्यवस्था, सुरक्षा, यातायात, पार्किंग, एलईडी स्क्रीन, साउंड सिस्टम और बिजली बैकअप की समीक्षा की। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और राज्य आंदोलनकारियों के लिए विशेष व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
प्रशासन ने स्पष्ट किया कि समारोह को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए सभी विभागों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। राज्यपाल द्वारा परेड की सलामी के साथ यह आयोजन उत्तराखंड की गौरवशाली पहचान को और मजबूत करेगा।

