उत्तराखंड

चारधाम में दीपावली की भव्य रोशनी, 11 हजार दीपों से जगमगाया बदरीनाथ, केदारनाथ में गूंजा भाईचारे का संदेश

The Char Dham witnessed a grand Diwali celebration, with 11,000 diyas lighting up Badrinath and a message of brotherhood resonating in Kedarnath.

देवभूमि उत्तराखंड के चारों धामों — बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री — में इस बार दीपावली का पर्व अत्यंत भव्य और श्रद्धापूर्ण वातावरण में मनाया गया। धामों के मंदिरों से लेकर घाटों तक हर ओर दीपों की अनगिनत लौ से चारों दिशाएं प्रकाशित हो उठीं। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने इस पर्व को भक्ति, आस्था और उल्लास के साथ मनाया।


गंगोत्री-यमुनोत्री धाम में दीपों की जगमग रोशनी

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में दीपावली के अवसर पर मंदिरों को आकर्षक लाइटों, फूलों और दीपों से सजाया गया। मां गंगा और मां यमुना की विशेष पूजा-अर्चना की गई। पूजा के दौरान शंख, घंटियों और भजनों की ध्वनि से पूरा धाम गुंजायमान रहा। श्रद्धालुओं ने दीप जलाकर मां गंगा और यमुना से सुख-समृद्धि की कामना की।

अब दीपावली के बाद शीतकाल की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। परंपरा के अनुसार, गंगोत्री धाम के कपाट 22 अक्टूबर को सुबह 11:36 बजे शीतकाल के लिए बंद होंगे। वहीं यमुनोत्री धाम के कपाट 23 अक्टूबर को भैया दूज के दिन 12:30 बजे बंद किए जाएंगे। कपाट बंद होने के बाद मां गंगा की उत्सव डोली मुखबा गांव और मां यमुना की उत्सव डोली खरसाली गांव में विराजेंगी।


तीर्थाटन ठप होने से कारोबारियों की चिंता

यमुनोत्री और गंगोत्री धामों के कपाट बंद होने के साथ ही जिले में तीर्थाटन और पर्यटन गतिविधियां लगभग थम जाती हैं। स्थानीय व्यापारी चाहते हैं कि शीतकाल में भी तीर्थयात्रा सीमित रूप से जारी रहे। व्यापारी आशीष सेमवाल और विनय उनियाल ने सुझाव दिया कि मुखबा और खरसाली जैसे शीतकालीन पड़ावों तक यात्रियों को आकर्षित किया जाए, ताकि सर्दियों में भी धार्मिक पर्यटन को नया आयाम मिल सके। उनके अनुसार, श्रद्धालु न केवल देवी-देवताओं के दर्शन कर सकेंगे, बल्कि बर्फबारी का आनंद भी ले पाएंगे।


बदरीनाथ धाम में 11 हजार दीपों का अद्भुत नजारा

बदरीनाथ धाम में दीपावली का नजारा देखते ही बनता था। मंदिर परिसर में 11 हजार दीपों को प्रज्वलित किया गया, जिससे पूरा धाम अलौकिक प्रकाश से जगमगा उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु के दर्शन कर विशेष पूजा अर्चना की और भक्ति भाव से दीप जलाए।


केदारनाथ में फूलों और दीपों से सजी दिवाली, बिना पटाखों की शांति

केदारनाथ धाम में इस बार दिवाली का उत्सव फूलों और दीपों की रोशनी के बीच शांति के साथ मनाया गया। 12 क्विंटल फूलों से मंदिर को सजाया गया था। दीपों की जगमगाहट के बीच पुलिस, बदरी-केदार मंदिर समिति के अधिकारी और पुजारी वर्ग ने मंदिर परिसर के चारों ओर दीप जलाए। विशेष बात यह रही कि इस वर्ष धाम में आतिशबाजी नहीं की गई, ताकि प्रकृति और श्रद्धा दोनों का सम्मान बना रहे।


घरों में भी मनाई गई भक्ति और खुशियों की दीपावली

जिला मुख्यालयों और आसपास के क्षेत्रों — तिलवाड़ा, अगस्त्यमुनि, ऊखीमठ, गुप्तकाशी, फाटा, गौरीकुंड, चोपता, मयाली और जखोली — में भी दीपावली की रौनक देखने लायक रही। लोगों ने अपने घरों को फूलों और लाइटों से सजाया, रंगोली बनाई और परिवार संग मिठाइयां बांटीं।

 

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button