रुद्रप्रयाग – उत्तराखंड – में मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ है और कई जिलों में बारिश का दौर लगातार जारी है। मौसम विभाग ने गढ़वाल मंडल के उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग तथा कुमाऊं मंडल के पिथौरागढ़ जिले में बारिश की चेतावनी जारी की है। इन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
चारधाम की तैयारियों में बाधा
इन चारों जिलों में प्रसिद्ध चारधाम स्थित हैं। उत्तरकाशी में यमुनोत्री और गंगोत्री, चमोली में बदरीनाथ और रुद्रप्रयाग में केदारनाथ धाम है। 30 अप्रैल से यमुनोत्री और गंगोत्री, 2 मई से केदारनाथ और 4 मई से बदरीनाथ धाम के कपाट खुलने वाले हैं। ऐसे में बारिश के चलते यात्रा की तैयारियों पर असर पड़ा है और संबंधित विभागों के लिए यह एक बड़ी चुनौती बन गई है।
केदारनाथ में तीन दिन से लगातार बारिश
केदारनाथ धाम में बीते तीन दिनों से दोपहर बाद लगातार बारिश हो रही है। इससे वहां काम कर रहे स्थानीय लोग, व्यापारी और पुनर्निर्माण कार्य में लगी कंपनियों के कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासतौर से गौरीकुंड से धाम तक 16 किमी का पैदल मार्ग बारिश में कठिन हो गया है। वहीं टेंट लगाने और अन्य व्यवस्थाएं करने वाले श्रमिकों को भी काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

पुनर्निर्माण कार्यों में आई मुश्किलें
पुनर्निर्माण में जुटी विभिन्न कंपनियों के श्रमिक बारिश में भीगते हुए काम कर रहे हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है। रविवार को केदारनाथ में केवल एक घंटे ही मौसम साफ रहा, बाकी दिन रिमझिम बारिश होती रही। वहीं हिमालय की ऊंची चोटियों पर हल्की बर्फबारी भी दर्ज की गई है।
यात्रा शुरू होने में 12 दिन शेष, समय पर पूरी करनी होंगी तैयारियां
अब बाबा केदारनाथ के कपाट खुलने में मात्र 12 दिन का समय बचा है। ऐसे में विभागों के सामने समय पर तैयारियां पूरी करना एक बड़ी चुनौती बन गया है। वुड स्टोन कंपनी के प्रभारी सोबन सिंह बिष्ट ने बताया कि बारिश के कारण काम की रफ्तार धीमी पड़ी है, जिससे व्यवस्थाएं समय पर पूरी करना कठिन हो रहा है।
बारिश और मौसम की अनिश्चितता ने चारधाम यात्रा की तैयारियों को प्रभावित किया है, ऐसे में प्रशासन को तेजी से कदम उठाने होंगे।



