Dhami Cabinet Meeting Decisions: धामी कैबिनेट की पहली बड़ी बैठक, नई टीम के साथ विकास का ‘रोडमैप’ तैयार, पंचायतीराज और परिवहन पर हो सकते हैं बड़े फैसले
Dhami Cabinet Meeting Decisions: First major meeting of Dhami cabinet, 'roadmap' for development prepared with new team, major decisions may be taken on Panchayati Raj and transport
उत्तराखंड की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत हो चुकी है। हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में देहरादून सचिवालय में कैबिनेट की पहली औपचारिक बैठक शुरू हो गई है। यह बैठक इसलिए भी खास है क्योंकि इसमें 5 नए मंत्रियों सहित पूरी तरह से ‘फुल’ हो चुकी कैबिनेट पहली बार एक साथ मेज पर बैठी है। 20 मार्च को हुए विस्तार और 22 मार्च को हुए विभागों के बंटवारे के बाद, आज की Dhami Cabinet Meeting Decisions पर पूरे प्रदेश की नजरें टिकी हुई हैं।
नई ऊर्जा और नए चेहरों के साथ पहली बैठक
सचिवालय के भीतर चल रही इस बैठक का माहौल काफी उत्साहजनक है। मुख्यमंत्री धामी ने बैठक की शुरुआत में सभी पांच नए मंत्रियों मदन कौशिक, खजान दास, भरत सिंह चौधरी, प्रदीप बत्रा और राम सिंह कैड़ा का औपचारिक स्वागत किया। CM Pushkar Singh Dhami Cabinet Expansion के बाद यह पहला मौका है जब ये अनुभवी और युवा चेहरे सरकार की नीतियों के निर्धारण में सीधे तौर पर अपनी राय रख रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन नए मंत्रियों के आने से सरकार के कामकाज में नई गति आएगी। जहाँ पहले कुछ मंत्री कई विभागों के बोझ तले दबे थे, वहीं अब कार्य विभाजन के बाद प्रत्येक विभाग को समर्पित नेतृत्व मिल गया है।
इन महत्वपूर्ण विभागों पर टिकी हैं निगाहें
आज की कैबिनेट बैठक में कई संवेदनशील और विकासोन्मुख विषयों पर मुहर लगने की संभावना है। Uttarakhand New Ministers Portfolios के आवंटन के बाद, अब उन विभागों की फाइलों पर तेजी से काम शुरू हो गया है जो लंबे समय से लंबित थीं:
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पंचायतीराज और ग्रामीण विकास: मदन कौशिक के पास पंचायतीराज जैसा महत्वपूर्ण विभाग है। 2027 के चुनावों को देखते हुए ग्रामीण बुनियादी ढांचे और पंचायतों के सशक्तिकरण पर बड़े वित्तीय प्रावधान किए जा सकते हैं।
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परिवहन और आईटी: रुड़की के विधायक प्रदीप बत्रा को परिवहन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। राज्य में इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े को बढ़ाने और सुगम यातायात के लिए नई नीति पर चर्चा संभव है।
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समाज कल्याण: खजान दास को समाज कल्याण विभाग सौंपा गया है। छात्रवृत्ति और पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता लाने के लिए डिजिटल सुधारों पर फैसला लिया जा सकता है।
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शहरी विकास और पर्यावरण: राम सिंह कैड़ा और भरत सिंह चौधरी के पास क्रमशः शहरी विकास और सूक्ष्म उद्यमों की जिम्मेदारी है, जो राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।
चुनाव 2027, 9 महीने का ‘एक्शन प्लान’
उत्तराखंड विधानसभा चुनाव 2027 के लिए अब लगभग 9 महीने का ही समय शेष है। ऐसे में आज की बैठक केवल प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण है। सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री धामी अपनी नई टीम को ‘परफॉरमेंस’ का कड़ा संदेश दे सकते हैं। Uttarakhand Assembly Elections 2027 Strategy के तहत सरकार ऐसी योजनाओं को प्राथमिकता दे रही है जिनका लाभ सीधे जनता तक पहुंचे और जिनका उद्घाटन चुनाव आचार संहिता लगने से पहले किया जा सके।
जनहित के मुद्दों पर फोकस
बैठक में वन, शिक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर भी चर्चा की जा रही है। उत्तराखंड के भौगोलिक परिवेश को देखते हुए मानसून से पहले आपदा प्रबंधन (जो अब मदन कौशिक देख रहे हैं) की तैयारियों को पुख्ता करना सरकार की प्राथमिकता है। इसके साथ ही, सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए नए पदों के सृजन पर भी कैबिनेट अपनी सहमति दे सकती है।
नए मंत्रियों के लिए ‘अग्निपरीक्षा’
अभी तक ये विधायक सदन में अपनी बात रखते थे या बाहर से सरकार की आलोचना या प्रशंसा करते थे, लेकिन अब वे स्वयं सरकार का हिस्सा हैं। आज की बैठक में अपनी मांगों और विभागीय प्रस्तावों को रखना उनके लिए एक नया और चुनौतीपूर्ण अनुभव है। राम सिंह कैड़ा और भरत सिंह चौधरी जैसे नेताओं के लिए यह साबित करने का मौका है कि वे न केवल अपने क्षेत्र के लोकप्रिय नेता हैं, बल्कि एक कुशल प्रशासक भी हैं।
कैबिनेट के मुख्य आकर्षण
| मंत्री का नाम | आवंटित मुख्य विभाग | आज की बैठक का संभावित एजेंडा |
| मदन कौशिक | पंचायतीराज, आपदा प्रबंधन | पंचायतों के लिए बजट और आपदा पूर्व तैयारी |
| प्रदीप बत्रा | परिवहन, आईटी | नई इलेक्ट्रिक बस पॉलिसी और सुराज |
| खजान दास | समाज कल्याण, भाषा | छात्रवृत्ति वितरण में सुधार |
| भरत सिंह चौधरी | ग्राम्य विकास, MSME | छोटे उद्योगों को प्रोत्साहन |
| राम सिंह कैड़ा | शहरी विकास, जलवायु परिवर्तन | स्मार्ट सिटी और जल प्रबंधन योजनाएं |

