मार्च के जाते-जाते देवभूमि उत्तराखंड के मौसम ने एक बार फिर डरावना रुख अख्तियार कर लिया है। पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की तीव्र सक्रियता के कारण राज्य के पर्वतीय अंचलों में मानसूनी बारिश जैसा मंजर नजर आ रहा है। Uttarakhand Weather Today के ताजा बुलेटिन के अनुसार, सोमवार को प्रदेश के पांच प्रमुख पहाड़ी जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ (Orange Alert) जारी किया गया है। ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों में भारी बर्फबारी और निचले इलाकों में आंधी-बारिश ने जनजीवन को प्रभावित करना शुरू कर दिया है।
पांच जिलों में ‘ऑरेंज अलर्ट’
मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने सोमवार को उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों के लिए विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। इन क्षेत्रों में न केवल बारिश होगी, बल्कि 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से विनाशकारी झोंकेदार हवाएं चलने की भी प्रबल संभावना है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इन पांच जिलों में आकाशीय बिजली चमकने के साथ-साथ भारी ओलावृष्टि (Hailstorm) भी हो सकती है। यह ओलावृष्टि विशेष रूप से सेब के बागानों और तैयार हो रही रबी की फसलों के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी पकी हुई फसलों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने का प्रबंध करें।
बदरी-केदार और गंगोत्री-यमुनोत्री में ‘सफेद चादर’
पहाड़ों की रानी मसूरी से लेकर ऊंची चोटियों तक ठंड का अहसास बढ़ गया है। रविवार शाम से ही केदारनाथ, बदरीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धामों में बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। Snowfall in Badrinath Kedarnath के चलते इन पवित्र धामों में पारा शून्य से नीचे चला गया है।
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हेमकुंड साहिब: यहाँ भी ताज़ा बर्फबारी दर्ज की गई है, जिससे चारों ओर बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है।
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हिमपात की सीमा: मौसम विभाग के अनुसार, 3300 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में आज भी रुक-रुक कर हिमपात जारी रहने के आसार हैं।
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पर्यटन स्थलों का हाल: मसूरी, धनोल्टी और मुक्तेश्वर जैसे ठंडे इलाकों में भी दोपहर बाद हुई हल्की बारिश ने पर्यटकों को होटलों के भीतर रहने पर मजबूर कर दिया है।
राजधानी देहरादून और मैदानी इलाकों का मिजाज
राजधानी देहरादून में रविवार सुबह से ही बादलों की आवाजाही बनी रही। शहर के कई हिस्सों में हुई बूंदाबांदी ने तपती धूप से राहत तो दी है, लेकिन अधिकतम तापमान में करीब दो डिग्री की गिरावट दर्ज की गई है। Uttarakhand Weather Today रिपोर्ट के मुताबिक, देहरादून का अधिकतम तापमान 27.4 डिग्री और न्यूनतम 18.8 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है।
वहीं, ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार जैसे मैदानी जिलों में पारा अभी भी 32.8 डिग्री के करीब है, लेकिन बादलों की मौजूदगी ने ‘लू’ (Heat Wave) की संभावना को फिलहाल खत्म कर दिया है। मैदानी जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है, जहाँ धूल भरी आंधी चलने की संभावना है।
यात्रियों और श्रद्धालुओं के लिए विशेष ‘एडवाइजरी’
चारधाम यात्रा की तैयारियों और पर्यटन सीजन को देखते हुए प्रशासन ने यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
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भूस्खलन (Landslides) का खतरा: लगातार हो रही बारिश से पहाड़ दरकने और पत्थर गिरने का खतरा बढ़ गया है। संवेदनशील रास्तों पर यात्रा करते समय सतर्क रहें।
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गर्म कपड़े अनिवार्य: अचानक हुई बर्फबारी से ठंड काफी बढ़ गई है। यात्री अपने साथ पर्याप्त ऊनी कपड़े और जरूरी दवाइयां जरूर रखें।
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आकाशीय बिजली से बचाव: तेज गरज-चमक के दौरान ऊंचे पेड़ों, बिजली के खंभों या खुले मैदानों में रुकने के बजाय सुरक्षित पक्के भवनों में शरण लें।
कृषि और बागवानी पर असर
मार्च के अंत में यह ओलावृष्टि और अंधड़ उत्तराखंड के बागवानों के लिए किसी आपदा से कम नहीं है। चमोली और उत्तरकाशी के सेब उत्पादक क्षेत्रों में यदि ओले गिरते हैं, तो पेड़ों पर आए फूल और छोटे फल नष्ट हो सकते हैं। कृषि विभाग ने किसानों को फिलहाल सिंचाई और कीटनाशकों के छिड़काव को रोकने की सलाह दी है।
मौसम का संक्षिप्त विश्लेषण (तालिका):
| जिला/क्षेत्र | अलर्ट स्तर | मुख्य प्रभाव |
| उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग | ऑरेंज अलर्ट | भारी बारिश, बर्फबारी और ओले |
| बागेश्वर, पिथौरागढ़ | ऑरेंज अलर्ट | आंधी-तूफान (50 kmph) |
| देहरादून, टिहरी | येलो अलर्ट | बादल और हल्की बूंदाबांदी |
| हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर | सामान्य | धूल भरी हवाएं |

