उत्तराखंड कैबिनेट की बड़ी बैठक, गैरसैंण बजट सत्र और मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर बड़े फैसले की सुगबुगाहट
A major Uttarakhand cabinet meeting is underway, with speculation of significant decisions regarding the Gairsain budget session and the entry of non-Hindus into temples.
देहरादून: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आज उत्तराखंड सचिवालय में कैबिनेट की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक पर न केवल प्रशासनिक अमले की, बल्कि पूरे प्रदेश की जनता की नजरें टिकी हुई हैं। बैठक में आगामी विधानसभा के बजट सत्र की तारीखों से लेकर राज्य के पौराणिक मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा होने की प्रबल संभावना है।
गैरसैंण में बजट सत्र- सीएम धामी लेंगे अंतिम निर्णय
कैबिनेट बैठक का सबसे महत्वपूर्ण एजेंडा आगामी बजट सत्र का आयोजन है। सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि इस बार का सत्र उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी भराड़ीसैंण (गैरसैंण) में आयोजित होगा। पूर्व की बैठक में कैबिनेट ने सत्र की तिथियों और स्थान के चयन का अंतिम अधिकार मुख्यमंत्री को सौंप दिया था। वित्त विभाग ने बजट का खाका तैयार कर लिया है, और आज की बैठक में सत्र की औपचारिक तारीखों की घोषणा की जा सकती है।
धार्मिक मर्यादा बनाम प्रवेश वर्जित की मांग
प्रदेश के तीर्थस्थलों और चारधामों की शुचिता बनाए रखने के लिए गैर-हिंदुओं के प्रवेश को प्रतिबंधित करने की मांग ने तूल पकड़ लिया है।
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मंदिर समितियों का रुख: गंगोत्री मंदिर समिति ने पहले ही इस संबंध में कड़ा कदम उठाया है।
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आगामी रणनीति: बदरी-केदार मंदिर समिति (BKTC) भी अपने अधीन आने वाले मंदिरों के लिए इसी तरह का प्रस्ताव लाने की तैयारी में है।
माना जा रहा है कि कैबिनेट इस मुद्दे पर कानून-व्यवस्था और जनभावनाओं के बीच संतुलन बनाने के लिए कोई नीतिगत मार्ग तलाश सकती है।
स्वास्थ्य और पर्यटन में क्रांतिकारी बदलाव के संकेत
आगामी चारधाम यात्रा को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग एक नया डॉक्टर्स कैडर बनाने का प्रस्ताव ला रहा है, जिससे यात्रा मार्ग पर विशेषज्ञों की कमी दूर होगी। साथ ही, बॉन्डधारी डॉक्टरों के लिए पीजी अध्ययन नीति पर भी मुहर लग सकती है। दूसरी ओर, पर्यटन के क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए विभाग अपनी नियमावली में संशोधन करने जा रहा है। इसका उद्देश्य प्रक्रियाओं को सरल बनाना और नए ‘ऑफ-बीट’ पर्यटन स्थलों को विकसित करना है, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा हों।
धामी सरकार की यह बैठक केवल विभागीय कार्यों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह राज्य की सांस्कृतिक पहचान और विकास के बीच एक नया सेतु बनाने की कोशिश है। शिक्षा और ऊर्जा विभाग की संशोधित नियमावलियों पर भी आज चर्चा की जा रही है, जिसका सीधा असर प्रदेश की बुनियादी सुविधाओं पर पड़ेगा।

