रामनगर ईएसटीसी केंद्र का निरीक्षण: केंद्रीय मंत्री मांझी ने तकनीकी प्रशिक्षण की सराहना, सड़क मरम्मत पर जोर
Inspection of Ramnagar ESTC Center: Union Minister Manjhi praised technical training, emphasized on road repair
रामनगर (उत्तराखंड): केंद्रीय मंत्री और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने गुरुवार को रामनगर के कानिया स्थित इलेक्ट्रॉनिक्स सेवा एवं प्रशिक्षण केंद्र (ESTC) का निरीक्षण किया। यह केंद्र 1984 से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (MSME) मंत्रालय के अधीन संचालित हो रहा है और युवाओं को इलेक्ट्रॉनिक्स व तकनीकी क्षेत्र में रोजगारपरक कौशल प्रदान कर रहा है।
आधुनिक सुविधाओं की सराहना
निरीक्षण के दौरान मंत्री मांझी ने नई इमारत, कक्षाओं और प्रयोगशालाओं का बारीकी से जायजा लिया और छात्रों से सीधे संवाद किया। उन्होंने केंद्र की आधुनिक सुविधाओं, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और अनुभवी प्रशिक्षकों की सराहना करते हुए कहा कि ईएसटीसी आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने में अहम योगदान दे रहा है। यहां उपलब्ध डिप्लोमा और अन्य तकनीकी प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को रोजगार के नए अवसर दिला रहे हैं।
देशभर में MSME के 18 टेक्नोलॉजी सेंटर
मंत्री मांझी ने बताया कि MSME मंत्रालय के तहत वर्तमान में देशभर में 18 टेक्नोलॉजी सेंटर संचालित हैं और कुछ नए केंद्र निर्माणाधीन हैं। उन्होंने उड़ीसा, बेंगलुरु, मुंबई और असम के केंद्रों के अनुभव साझा करते हुए कहा कि रामनगर का ईएसटीसी भी उन्हीं मानकों पर खरा उतर रहा है और छात्रों को हर स्तर पर आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य कर रहा है।
भोजन और छात्र सुविधाएं
केंद्र में छात्रों को अच्छा और सस्ता भोजन उपलब्ध होने की व्यवस्था की मंत्री ने विशेष प्रशंसा की। छात्रों के अनुसार, केंद्र में ही भोजन मिलने से समय और धन दोनों की बचत होती है, जिससे वे पढ़ाई और प्रशिक्षण पर अधिक ध्यान दे पाते हैं।
सड़क की खराब स्थिति पर नाराजगी
निरीक्षण के दौरान मंत्री मांझी ने केंद्र तक आने वाली सड़क की जर्जर हालत पर नाराजगी जताई। यह सड़क रामनगर मिनी स्टेडियम तक जाती है और रोजाना हजारों छात्रों का आना-जाना इसी पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि खराब सड़क छात्रों के लिए असुविधाजनक और उनकी पढ़ाई पर नकारात्मक असर डालने वाली है। उन्होंने उत्तराखंड सरकार से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की अपील की।
सुधार कार्यों के निर्देश
मंत्री ने केंद्र के समग्र संचालन को संतोषजनक बताया, लेकिन कुछ क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता भी मानी। उन्होंने अधिकारियों को शीघ्र सुधार कार्य पूरे करने के निर्देश दिए और कहा कि तकनीकी शिक्षा तभी सार्थक होगी जब छात्रों को बुनियादी सुविधाएं समय पर मिलें।
आत्मनिर्भर भारत में योगदान
अपने संबोधन में मंत्री मांझी ने दोहराया कि MSME मंत्रालय का लक्ष्य युवाओं को रोजगारपरक कौशल देकर आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि रामनगर का ईएसटीसी आने वाले समय में भी युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण, रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ाता रहेगा।

