कांग्रेस हाईकमान की बड़ी रणनीतिक बैठक, 2027 विधानसभा चुनाव के लिए उत्तराखंड में शुरू हुई तेज तैयारियाँ
Congress high command holds major strategic meeting, Uttarakhand gears up for 2027 assembly elections
नई दिल्ली/देहरादून: 2027 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस पार्टी ने अपनी चुनावी मशीनरी को नए जोश के साथ सक्रिय कर दिया है। सोमवार को नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने उत्तराखंड कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ रणनीतिक बैठक की। इस उच्चस्तरीय बैठक का उद्देश्य आगामी चुनावी चुनौतियों के लिए संगठन को मजबूत करना और जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाना था।
वरिष्ठ नेताओं के साथ गहन विमर्श
बैठक में प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा, दोनों सह प्रभारी, प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, पूर्व अध्यक्ष एवं सीडब्ल्यूसी सदस्य करन माहरा, चुनाव संचालन समिति के चेयरमैन प्रीतम सिंह और चुनाव मैनेजमेंट कमेटी के अध्यक्ष हरक सिंह रावत मौजूद रहे। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत स्वास्थ्य कारणों से शामिल नहीं हो पाए, हालांकि उनकी अनुपस्थिति के बावजूद संगठन से जुड़े सभी महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से बातचीत हुई।
राज्य के राजनीतिक हालात और संगठन की स्थिति पर फीडबैक
हाईकमान ने प्रदेश नेतृत्व से राज्य की वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों, संगठन की मजबूती और भविष्य की रणनीति पर विस्तृत फीडबैक लिया। पार्टी नेतृत्व ने आगामी 14 दिसंबर को दिल्ली में होने वाली ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ रैली की तैयारियों का भी जायजा लिया। इस दौरान कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए कई निर्देश जारी किए गए। साथ ही जिले और ब्लॉक स्तर पर संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया।
2027 चुनाव को लेकर गंभीरता का संकेत
बैठक के दौरान खड़गे और राहुल गांधी ने स्पष्ट संदेश दिया कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं चाहती। उन्होंने नेताओं से जनता के मुद्दों पर लगातार सक्रिय रहने, संगठन में संवाद बढ़ाने और जमीनी स्तर पर मजबूती लाने पर ध्यान केंद्रित करने को कहा। नए संगठन के गठन के तुरंत बाद नेताओं को दिल्ली बुलाना इस बात का संकेत है कि कांग्रेस ने समय रहते चुनावी तैयारी को प्राथमिकता पर रखा है।
जमीनी स्तर पर सक्रियता बढ़ाने की रणनीति
बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि उत्तराखंड कांग्रेस को गांव, कस्बों और जिलों में संगठनात्मक तालमेल को और मजबूत करना होगा। साथ ही कार्यकर्ताओं से नियमित संपर्क, स्थानीय समस्याओं पर तुरंत प्रतिक्रिया और जनता से सीधे संवाद को बढ़ाने की आवश्यकता बताई गई। इसका मकसद आगामी चुनावों में कांग्रेस को एक मजबूत विकल्प के रूप में स्थापित करना है।
नए चेहरों को आगे लाने की कवायद
पार्टी द्वारा चलाए जा रहे ‘टैलेंट हंट कार्यक्रम’ की भी समीक्षा की गई, जिसके तहत नए प्रवक्ता और पैनलिस्ट तैयार किए जा रहे हैं। हाईकमान का मानना है कि मीडिया में प्रभावी चेहरे चुनावी सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, इसलिए नए युवाओं को मंच देने पर जोर दिया जा रहा है।
कुल मिलाकर कांग्रेस ‘एक्शन मोड’ में
हाल के दिनों में संगठनात्मक बदलावों, तेज गतिविधियों और हाईकमान की सक्रिय दखलअंदाजी से साफ है कि कांग्रेस अभी से 2027 चुनावी मोर्चे पर मजबूती से उतर चुकी है। आने वाले महीनों में पार्टी की यह लगातार सक्रियता उत्तराखंड की राजनीति में नए समीकरण उत्पन्न कर सकती है।

