उत्तराखंड

धामी कैबिनेट की बैठक में तीन अहम प्रस्तावों को मंजूरी, अर्धकुंभ और शिक्षा व्यवस्था को मिलेगी मजबूती

Three important proposals approved in Dhami cabinet meeting, Ardh Kumbh and education system will get strengthened

देहरादून: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य हित से जुड़े तीन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इस बैठक में विशेष रूप से आगामी 2027 में हरिद्वार में होने वाले अर्धकुंभ मेले की तैयारियों को लेकर निर्णय लिए गए। इसके अलावा शिक्षा विभाग की नियमावली में संशोधन और ई-स्टैंपिंग प्रक्रिया को सरल बनाने के विषय पर भी चर्चा हुई।

अर्धकुंभ मेला 2027 के लिए 82 पदों के सृजन को मिली मंजूरी

कैबिनेट ने हरिद्वार में 2027 में आयोजित होने वाले अर्धकुंभ मेले के लिए मेलाधिष्ठान कार्यालय में 82 पदों के सृजन को स्वीकृति दे दी है। इनमें 9 पद स्थायी, 44 पद अस्थायी और 29 पद आउटसोर्सिंग के माध्यम से भरे जाएंगे। सरकार का उद्देश्य है कि मेले की व्यवस्थाएं समय पर और सुचारु रूप से पूरी की जा सकें, ताकि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इससे मेले की व्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।

ई-स्टैंप व्यवस्था में बदलाव, कस्टम बॉन्ड भी हुआ डिजिटल

मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड में स्टाम्प शुल्क को अधिक पारदर्शी और पेपरलेस बनाने की दिशा में कदम उठाया है। अब “कस्टम बॉन्ड” को भी डिजिटल ई-स्टैंपिंग के दायरे में लाया गया है। इससे व्यापारियों और करदाताओं को स्टाम्प क्रय की सुविधा सीधे बैंक परिसर में ही मिल सकेगी। यह बदलाव Ease of Doing Business की दिशा में राज्य सरकार की बड़ी पहल मानी जा रही है, जिससे व्यापारिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और गति आएगी।

शिक्षा विभाग में प्रधानाचार्य नियमावली में संशोधन

शिक्षा क्षेत्र को लेकर भी कैबिनेट ने अहम फैसला लिया है। उत्तराखंड राज्य शैक्षिक (अध्यापन संवर्ग) राजपत्रित सेवा नियमावली 2022 के तहत प्रधानाचार्य पद की भर्ती से जुड़े नियमों में संशोधन किया गया है। इसमें नियम 5 (भर्ती का स्रोत), नियम 6 (आयु) और नियम 8 (अनिवार्य शैक्षिक/प्रशिक्षण योग्यता) को अद्यतन किया गया है। इससे शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और योग्यता आधारित पदोन्नति प्रणाली को बल मिलेगा।

राज्य में प्रशासनिक प्रक्रिया को मिलेगी नई दिशा

इन तीनों प्रस्तावों पर मंत्रिमंडल की स्वीकृति से राज्य की धार्मिक, शैक्षिक और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूती मिलेगी। अर्धकुंभ की तैयारी से लेकर डिजिटल सुधार और शिक्षा क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाले ये फैसले राज्य सरकार की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावशाली बनाने में मदद करेंगे।

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