मसूरी में श्रीलंका के वरिष्ठ अधिकारियों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम शुरू
Capacity building programme for senior Sri Lankan officials begins in Mussoorie
मसूरी, 29 जुलाई 2025 भारत और श्रीलंका के मध्य रणनीतिक साझेदारी को और प्रगाढ़ बनाने के उद्देश्य से मसूरी के नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस (NCGG) में श्रीलंका के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के लिए 11वां अंतरराष्ट्रीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम आरंभ हुआ। 28 जुलाई से शुरू हुआ यह दो सप्ताह का प्रशिक्षण सत्र 8 अगस्त 2025 तक चलेगा, जिसमें श्रीलंका के विभिन्न विभागों के 40 वरिष्ठ अधिकारी भाग ले रहे हैं।
प्रशासनिक दृष्टिकोणों का आदान-प्रदान
कार्यक्रम का उद्घाटन NCGG के महानिदेशक डॉ. सुरेंद्र कुमार बगड़े ने किया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि भारत और श्रीलंका के प्रशासनिक अनुभवों, सोच और नीतिगत समझ का साझा मंच है। डॉ. बगड़े ने अधिकारियों को आह्वान किया कि वे संवाद और सहभागिता के माध्यम से नीतिगत नवाचार सीखें और उसे अपने देश में लागू करने पर विचार करें।
विस्तृत और व्यावहारिक प्रशिक्षण ढांचा
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को विशेष रूप से प्रशासनिक दक्षता और नीति क्रियान्वयन की गहराई तक पहुँचाने के लिए तैयार किया गया है। इसमें डिजिटल इंडिया, ई-गवर्नेंस, आयुष्मान भारत, पीएम गतिशक्ति योजना, भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण, लोक नीति निर्माण और रणनीतिक प्रबंधन जैसे विषयों को शामिल किया गया है। सत्रों में सिद्धांत के साथ-साथ व्यवहारिक दृष्टिकोण को भी महत्व दिया गया है।
फील्ड विजिट्स और सांस्कृतिक भ्रमण
शैक्षणिक व्याख्यानों के अतिरिक्त अधिकारियों को विभिन्न संस्थानों का दौरा भी कराया जाएगा। इसमें लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी, देहरादून विकास प्राधिकरण और पीएम गतिशक्ति एक्सपीरियंस सेंटर, दिल्ली शामिल हैं। साथ ही, प्रधानमंत्री संग्रहालय और ताजमहल जैसे सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा, ताकि भारत की प्रशासनिक दृष्टि के साथ उसकी विरासत से भी जुड़ाव हो सके।
भविष्य की साझेदारी की नींव
एनसीजीजी के अधिकारियों के अनुसार यह कार्यक्रम केवल प्रशिक्षण नहीं, बल्कि भारत-श्रीलंका संबंधों में विश्वास, सहयोग और भविष्य की साझेदारी की एक मजबूत आधारशिला है। यह पहल भारत को वैश्विक सुशासन ज्ञान केंद्र (Global Governance Knowledge Hub) के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
मसूरी में प्रशासनिक संबंधों का नया अध्याय
प्रशिक्षण में भाग लेने वाले श्रीलंकाई अधिकारियों ने भारत की मेहमाननवाज़ी और प्रशिक्षण की गुणवत्ता की सराहना की। उन्होंने मसूरी की शांत वादियों में आयोजित इस कार्यक्रम को व्यावहारिक, प्रासंगिक और प्रेरणादायक बताया।
यह कार्यक्रम भारत की सुशासन नीति, प्रशासनिक नवाचार और वैश्विक नेतृत्व दृष्टि को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का प्रभावशाली माध्यम बन रहा है।

