उत्तराखंड

बनभूलपुरा अतिक्रमण मामला: सुप्रीम कोर्ट का फैसला अब 10 दिसंबर को, हल्द्वानी में कम की गई फोर्स, हिरासत से 23 लोग रिहा

Supreme Court verdict now on December 10, force reduced in Haldwani, 23 people released from custody

हल्द्वानी: नैनीताल जिले के हल्द्वानी स्थित बनभूलपुरा क्षेत्र की 30 हेक्टेयर अतिक्रमण भूमि मामले में सुप्रीम कोर्ट का आज आने वाला संभावित फैसला टल गया है। कोर्ट ने सुनवाई की तारीख बढ़ाकर अब 10 दिसंबर निर्धारित कर दी है। इस निर्णय के बाद प्रशासन ने एहतियातन तैनात की गई भारी फोर्स को अन्य स्थानों पर डायवर्ट करना शुरू कर दिया है, जबकि जिले के बाहर से आई अतिरिक्त फोर्स को भी वापस भेजा जा रहा है। साथ ही धारा 170 बीएनएस के तहत हिरासत में लिए गए 23 अराजक तत्वों को नियमों के अनुसार रिहा किया जा रहा है।

संभावित तनाव को देखते हुए प्रशासन ने बनाई थी कड़ी सुरक्षा घेरा

संभावना जताई जा रही थी कि सुप्रीम कोर्ट मंगलवार को बनभूलपुरा की 30 हेक्टेयर विवादित भूमि पर अपना अंतिम फैसला सुना सकता है। पिछले महीनों में क्षेत्र में हुई घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए इलाके को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया था। सुरक्षा प्रबंधों में किसी भी प्रकार की चूक न हो, इसके लिए बड़े स्तर पर पुलिस बल तैनात किया गया था।

क्षेत्र में तीन पुलिस अधीक्षक, चार पुलिस उपाधीक्षक, आठ निरीक्षक, 28 उपनिरीक्षक, 80 हेड कॉन्स्टेबल व कॉन्स्टेबल के साथ ही पीएसी की दो कंपनियां और एक सेक्शन तैनात किए गए थे। इसके अतिरिक्त फायर टेंडर, बज्र वाहन, टियर गैस यूनिट और अन्य सुरक्षा संसाधन भी मौके पर रखे गए थे।

हवाई निगरानी के लिए लगाए गए 7 ड्रोन कैमरे

किसी भी अप्रिय घटना या भीड़ की गतिविधियों पर नजर बनाए रखने के लिए इलाके को सात ड्रोन कैमरों की निगरानी में रखा गया था। पुलिस ने पूरे क्षेत्र में फ्लैग मार्च कर लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की थी।

फोर्स की वापसी और ड्यूटी डायवर्ट करने के निर्देश

एसएसपी मंजूनाथ टीसी ने बताया कि अब सुप्रीम कोर्ट 10 दिसंबर को अतिक्रमण भूमि से जुड़े मामले पर संभावित फैसला देगा। ऐसे में बनभूलपुरा क्षेत्र में तैनात भारी फोर्स को चरणबद्ध तरीके से कम किया जा रहा है। बुधवार को अधिकांश पुलिसकर्मियों को वीआईपी ड्यूटी में स्थानांतरित किया जाएगा, जबकि जिले के बाहर से आई कंपनियों को वापस भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

23 संदिग्धों को रिहा किया जा रहा है

धारा 170 बीएनएस के तहत हिरासत में लिए गए 23 संदिग्धों को भी नियमों के अनुसार रिहा किया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में शांति और सामान्य स्थिति बनाए रखना उसकी पहली प्राथमिकता है, इसलिए आदेशों में ढील सोच-समझकर दी जा रही है।

अब सभी की नजरें 10 दिसंबर पर टिकी हैं, जब सुप्रीम कोर्ट इस बहुचर्चित अतिक्रमण विवाद पर अपना महत्वपूर्ण फैसला सुनाएगा।

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