Uttarakhand Politics: श्रीनगर मेयर आरती भंडारी की BJP में वापसी, 10 पार्षद भी हुए शामिल; उत्तराखंड की राजनीति में बड़ा बदलाव
Uttarakhand Politics: Srinagar Mayor Aarti Bhandari returns to the BJP joined by 10 councilors, a major shift in Uttarakhand politics.
Uttarakhand Politics: उत्तराखंड की राजनीति में बुधवार को एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम सामने आया। श्रीनगर नगर निगम की महापौर आरती भंडारी ने अपने पति और वरिष्ठ नेता लखपत भंडारी के साथ भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता ग्रहण कर ली। उनके साथ श्रीनगर नगर निगम के 10 पार्षदों ने भी भाजपा का दामन थाम लिया। इस घटनाक्रम के बाद प्रदेश की शहरी राजनीति में भाजपा की स्थिति और मजबूत हुई है।
Uttarakhand Politics: Srinagar Mayor Aarti Bhandari के BJP में शामिल होने से बदले समीकरण
Srinagar Mayor Aarti Bhandari का भाजपा में शामिल होना इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने वर्ष 2025 के नगर निकाय चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़कर भाजपा की उम्मीदवार आशा उपाध्याय को हराया था। आरती भंडारी को चुनाव में 7,959 वोट मिले थे, जबकि भाजपा प्रत्याशी को 6,320 वोट प्राप्त हुए थे। इस तरह उन्होंने 1,639 मतों के अंतर से जीत दर्ज की थी और श्रीनगर नगर निगम की पहली मेयर बनी थीं।
करीब डेढ़ साल बाद आरती भंडारी का भाजपा में शामिल होना स्थानीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। उनके साथ उनके पति लखपत भंडारी ने भी भाजपा में वापसी की है। पार्टी की ओर से इसे पुराने कार्यकर्ताओं के फिर से पार्टी परिवार में लौटने के रूप में पेश किया गया।
10 पार्षदों ने भी थामा BJP का दामन
Srinagar Mayor Aarti Bhandari के साथ नगर निगम के 10 पार्षदों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इनमें निर्दलीय पार्षदों के साथ कांग्रेस से जुड़े दो पार्षद भी शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक राजकुमार और अनुराग चौहान ने कांग्रेस छोड़कर भाजपा की सदस्यता ली है। अन्य शामिल होने वाले पार्षदों में अंजनी भंडारी, मीणा देवी, भावना चौहान, प्रवेश चमोली, विजय कुमार चमोली, आशीष नेगी, धर्म सिंह रावत और नरेंद्र सिंह रावत के नाम सामने आए हैं।
एक साथ मेयर और 10 पार्षदों के भाजपा में शामिल होने से श्रीनगर नगर निगम के भीतर राजनीतिक समीकरण में बड़ा बदलाव आया है। खास तौर पर कांग्रेस के दो पार्षदों के पाला बदलने को पार्टी के लिए स्थानीय स्तर पर झटके के तौर पर देखा जा रहा है।
Uttarakhand Politics: भाजपा मुख्यालय में हुआ सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम
सदस्यता ग्रहण कार्यक्रम देहरादून स्थित भाजपा प्रदेश मुख्यालय में आयोजित किया गया। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट और कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। महेंद्र भट्ट ने नए सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें पार्टी परिवार में पुराने लोगों के दोबारा जुड़ने जैसी खुशी महसूस हो रही है।
भाजपा नेतृत्व ने कहा कि आरती भंडारी और उनके साथ शामिल हुए लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विश्वास जताते हुए पार्टी की सदस्यता ली है। पार्टी ने नए सदस्यों को सम्मान और जिम्मेदारी के साथ संगठन में काम करने का भरोसा भी दिलाया।
पहले निर्दलीय जीती थीं श्रीनगर की पहली मेयर
आरती भंडारी का राजनीतिक सफर श्रीनगर नगर निगम के गठन और पहले निकाय चुनाव से ही चर्चा में रहा है। वर्ष 2025 के नगर निकाय चुनाव में भाजपा ने उत्तराखंड के 11 नगर निगमों में से 10 में मेयर पद पर जीत दर्ज की थी। केवल श्रीनगर नगर निगम में निर्दलीय प्रत्याशी आरती भंडारी भाजपा को चुनौती देकर चुनाव जीतने में सफल रही थीं।
आरती भंडारी ने भाजपा की आशा उपाध्याय को हराकर श्रीनगर की पहली मेयर बनने का गौरव हासिल किया था। ऐसे में अब उनका भाजपा में शामिल होना उस राजनीतिक तस्वीर को पूरी तरह बदल देता है, जिसमें श्रीनगर एकमात्र ऐसा नगर निगम था जहां मेयर भाजपा से बाहर की थीं।
BJP के पास अब उत्तराखंड के सभी 11 नगर निगमों की मेयर
आरती भंडारी के भाजपा में शामिल होने के बाद पार्टी के पास अब उत्तराखंड के सभी 11 नगर निगमों के मेयर हो गए हैं। इससे भाजपा को राज्य की शहरी राजनीति में एक महत्वपूर्ण बढ़त मिली है। 2025 के निकाय चुनाव के बाद श्रीनगर को छोड़कर बाकी 10 नगर निगमों में भाजपा के मेयर चुने गए थे। अब श्रीनगर की मेयर के पार्टी में शामिल होने से यह संख्या भी 11 हो गई है।
भाजपा के लिए यह घटनाक्रम इसलिए भी अहम है क्योंकि नगर निगम स्तर पर मेयर और पार्षदों का संगठन के साथ सीधा जुड़ाव स्थानीय प्रशासन और राजनीतिक गतिविधियों को प्रभावित करता है। आने वाले समय में श्रीनगर नगर निगम में भाजपा संगठन की सक्रियता बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
Uttarakhand Politics: कांग्रेस के लिए स्थानीय स्तर पर बढ़ी चुनौती
आरती भंडारी के साथ दो कांग्रेस पार्षदों के भाजपा में जाने से कांग्रेस के सामने भी नई चुनौती खड़ी हुई है। श्रीनगर गढ़वाल क्षेत्र पहले से ही राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में नगर निगम के स्तर पर भाजपा का प्रभाव बढ़ना कांग्रेस के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मुद्दा हो सकता है।
हालांकि, नेताओं के दल बदलने का वास्तविक असर आने वाले समय में नगर निगम के कामकाज और स्थानीय राजनीति में दिखाई देगा। यह देखना अहम होगा कि भाजपा में शामिल हुए पार्षद किस तरह संगठन के साथ काम करते हैं और श्रीनगर नगर निगम की प्राथमिकताओं पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है।
उत्तराखंड की राजनीति में संदेश
Srinagar Mayor Aarti Bhandari Joins BJP का घटनाक्रम केवल एक स्थानीय राजनीतिक बदलाव नहीं है। इसके जरिए भाजपा ने श्रीनगर में अपनी राजनीतिक मौजूदगी को मजबूत किया है। मेयर के साथ 10 पार्षदों का पार्टी में आना संगठन के लिए बड़ा विस्तार माना जा रहा है।
आरती भंडारी का भाजपा में शामिल होना उस चुनावी कहानी का भी नया अध्याय है, जिसमें उन्होंने भाजपा उम्मीदवार को हराकर निर्दलीय के रूप में जीत हासिल की थी। अब वही मेयर भाजपा के साथ खड़ी हैं। इससे श्रीनगर की स्थानीय राजनीति में आने वाले दिनों में नए समीकरण बनने की संभावना है।
राजनीतिक जानकारों की नजर अब इस बात पर रहेगी कि भाजपा में शामिल होने के बाद आरती भंडारी और उनके साथ आए पार्षद नगर निगम की राजनीति को किस दिशा में ले जाते हैं। फिलहाल इतना साफ है कि Srinagar Mayor Aarti Bhandari के BJP में शामिल होने से उत्तराखंड की शहरी राजनीति में भाजपा को एक महत्वपूर्ण राजनीतिक बढ़त मिली है।


