बारिश-बर्फबारी के बिना कड़ाके की ठंड, उत्तराखंड के कई जिलों में कोहरे का येलो अलर्ट जारी
Severe cold wave without rain or snowfall, yellow alert issued for fog in several districts of Uttarakhand.
देहरादून: उत्तराखंड में लंबे समय से बारिश और बर्फबारी न होने के बावजूद ठंड ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मौसम शुष्क बना हुआ है, लेकिन तापमान में लगातार गिरावट के कारण प्रदेश के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। सुबह और शाम के समय घना कोहरा छाने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। मौसम विभाग ने इसे देखते हुए राज्य के कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
कोहरा और शीतलहर की चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून के अनुसार आज प्रदेश के सभी जिलों में मौसम शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि हरिद्वार और उधम सिंह नगर के साथ नैनीताल, चंपावत, देहरादून और पौड़ी जनपद के मैदानी क्षेत्रों में शीत दिवस की स्थिति बन सकती है। इन क्षेत्रों में सुबह के समय घना कोहरा छाने की आशंका जताई गई है, जिससे दैनिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने विशेष रूप से वाहन चालकों को सावधानी बरतने की सलाह दी है।
राजधानी देहरादून में ठंड का असर
राजधानी देहरादून में भी ठंड का असर साफ तौर पर देखा जा रहा है। यहां आसमान मुख्य रूप से साफ से आंशिक रूप से बादलों से ढका रहने की संभावना है, लेकिन सुबह-शाम कोहरा परेशानी बढ़ा सकता है। अधिकतम तापमान करीब 23 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 8 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। ठंड से बचने के लिए लोग अलाव का सहारा ले रहे हैं और बाजारों में ऊनी कपड़ों की मांग बढ़ गई है।
बारिश और बर्फबारी न होने से चिंता
दिसंबर माह के अंत तक भी प्रदेश में बारिश और बर्फबारी न होने से स्थानीय लोगों, कारोबारियों और पर्यटन से जुड़े लोगों में निराशा है। आमतौर पर इस समय पर्वतीय क्षेत्रों में बर्फ की सफेद चादर दिखाई देती है, जो पर्यटकों को आकर्षित करती है। लेकिन इस बार पहाड़ों पर बर्फ न गिरने से पर्यटन गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं। पर्यावरण विशेषज्ञ भी मौसम के इस असामान्य व्यवहार को लेकर चिंता जता रहे हैं।
विजिबिलिटी घटने से रेंगते दिखे वाहन
सुबह और शाम के समय घने कोहरे के कारण विजिबिलिटी काफी कम हो गई है। कई स्थानों पर दृश्यता बेहद सीमित रहने से सड़कों पर वाहन रेंगते हुए नजर आ रहे हैं। खासकर राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर चालकों को धीमी गति से वाहन चलाने पड़ रहे हैं। यातायात पुलिस ने भी लोगों से सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
केदारनाथ में भी नहीं जमी बर्फ
रुद्रप्रयाग जिले में स्थित केदारनाथ धाम में भी इस बार लंबे समय से बर्फबारी नहीं हुई है। जहां आमतौर पर इस मौसम में केदारनाथ की पहाड़ियां बर्फ से ढकी रहती हैं, वहां इस बार पहाड़ सूखे नजर आ रहे हैं। इसे लेकर पर्यावरणविदों ने चिंता जताई है। हालांकि धाम में पुनर्निर्माण कार्य लगातार जारी है। वर्ष 2013 की आपदा में क्षतिग्रस्त रामबाड़ा–केदारनाथ पुराने पैदल मार्ग पर भी काम चल रहा है।
कुल मिलाकर, उत्तराखंड में मौसम का यह बदला हुआ मिजाज न केवल ठंड बढ़ा रहा है, बल्कि पर्यावरण और पर्यटन के लिहाज से भी चिंता का विषय बना हुआ है।


