उत्तराखंड में चल रहे Uttarakhand Census 2026 के तहत मकान सूचीकरण और आवास जनगणना का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। राज्य में अब तक लगभग 70 प्रतिशत जनगणना कार्य पूरा हो चुका है और टीमों ने 19 लाख घरों तक पहुंचकर करीब 86 लाख लोगों का डेटा एकत्र किया है। यह अभियान राज्य में डिजिटल और योजनागत विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
भारत के महा रजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त ने राज्य में हो रहे कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया है और सभी जिलों को 24 मई तक कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। Uttarakhand Census 2026 के तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि हर परिवार का सटीक और पूर्ण डेटा दर्ज हो।
राज्य में तेजी से आगे बढ़ रहा जनगणना अभियान
जनगणना टीमों ने प्रदेश के पहाड़ी और मैदानी दोनों क्षेत्रों में सक्रिय रूप से कार्य किया है। अब तक 19 लाख से अधिक घरों में जाकर डेटा संग्रह किया जा चुका है। इसमें 86 लाख से अधिक लोगों की जानकारी शामिल है।
पर्वतीय जिलों में कार्य अपेक्षाकृत संतोषजनक गति से चल रहा है, जबकि कुछ मैदानी क्षेत्रों में ऑनलाइन फीडिंग और अपडेटिंग का कार्य अभी जारी है। प्रशासन का कहना है कि जल्द ही सभी जिलों का डेटा पोर्टल पर पूरी तरह अपडेट कर दिया जाएगा।
उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में हुई प्रगति की समीक्षा
जनगणना कार्य की समीक्षा के लिए एक वर्चुअल बैठक आयोजित की गई, जिसमें प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, विभिन्न जिलाधिकारी और नगर आयुक्त शामिल हुए।
बैठक में बताया गया कि चंपावत जिले ने अब तक बेहतर प्रदर्शन किया है, जबकि देहरादून जिले में कुछ क्षेत्रों में शुरुआती देरी के बाद अब सभी जगह कार्य शुरू हो चुका है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि डाटा संग्रहण लगभग पूरा हो चुका है, केवल डिजिटल फीडिंग शेष है।
डेटा की गुणवत्ता पर विशेष जोर
भारत के महा रजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त मृत्युंजय कुमार नारायण ने कहा कि जनगणना में केवल आंकड़े जुटाना ही नहीं, बल्कि उनकी गुणवत्ता सुनिश्चित करना भी बेहद जरूरी है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य की सभी योजनाएं, नीतियां और परिसीमन जैसे महत्वपूर्ण कार्य इन्हीं आंकड़ों पर आधारित होंगे। इसलिए हर प्रविष्टि की गहन जांच और सत्यापन आवश्यक है।
जिलों को समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश
प्रमुख सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि Uttarakhand Census 2026 का कार्य तय समय सीमा में हर हाल में पूरा किया जाए। सभी जिलों में प्रगति रिपोर्ट लगातार मॉनिटर की जा रही है।
देहरादून, पिथौरागढ़ और बागेश्वर जिलों ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि अधिकांश क्षेत्रों में कार्य पूरा हो चुका है और केवल तकनीकी अपडेटिंग बाकी है।
भवन स्वामियों से भी साझा की जाएगी जानकारी
जनगणना अधिकारियों ने यह भी निर्देश दिया है कि प्रगणक (enumerators) सभी भवन स्वामियों को उनके द्वारा भरी गई जानकारी की कॉपी उपलब्ध कराएं, ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
इसके बाद अंतिम रिपोर्ट को फाइनल किया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचने के लिए हर स्तर पर डेटा की जांच अनिवार्य की गई है।
डिजिटल जनगणना की ओर उत्तराखंड
यह जनगणना अभियान राज्य में डिजिटल प्रशासन की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से सभी जिलों का डेटा रियल टाइम में अपडेट किया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि Uttarakhand Census 2026 के पूरा होने के बाद राज्य में विकास योजनाओं को और अधिक सटीक और प्रभावी तरीके से लागू किया जा सकेगा। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में संसाधनों का बेहतर वितरण संभव होगा।



