देवभूमि उत्तराखंड में अप्रैल की शुरुआत के साथ ही कुदरत के तेवर तल्ख नजर आ रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र, देहरादून ने राज्य के लिए आगामी 8 अप्रैल तक का विस्तृत ‘वेदर बुलेटिन’ जारी किया है, जो तीर्थयात्रियों और स्थानीय निवासियों के लिए चिंता बढ़ाने वाला है। पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते अगले एक सप्ताह तक प्रदेश के पर्वतीय अंचलों में मूसलाधार बारिश और ऊंची चोटियों पर भारी हिमपात (Snowfall) का दौर जारी रहेगा। विशेष रूप से 4 अप्रैल को पूरे प्रदेश में मौसम का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है।
13 में से 12 जिले भीगेंगे
शुक्रवार से राज्य के मौसम में बड़ा बदलाव आने वाला है। मौसम विभाग के अनुसार, कल प्रदेश के 13 में से 12 जिलों में बारिश की प्रबल संभावना है।
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भारी से मध्यम बारिश: उत्तरकाशी, चमोली, रुद्रप्रयाग, देहरादून, बागेश्वर और पिथौरागढ़ में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होगी।
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हल्की बौछारें: हरिद्वार सहित शेष पर्वतीय जिलों में छिटपुट बारिश के आसार हैं।
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अपवाद: ऊधम सिंह नगर एकमात्र ऐसा जिला रहेगा जहाँ मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने का अनुमान है।
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हिमपात: 3500 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फबारी की भी चेतावनी दी गई है।
पूरे प्रदेश के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’
शनिवार का दिन पूरे उत्तराखंड के लिए चुनौतीपूर्ण साबित हो सकता है। इस दिन बारिश का दायरा बढ़कर शत-प्रतिशत जिलों तक पहुँच जाएगा।
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इन 5 जिलों में खतरा: उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। यहाँ अनेक स्थानों पर तीव्र बौछारें पड़ सकती हैं।
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मैदानी इलाकों का हाल: हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर में भी गरज-चमक के साथ बारिश होगी।
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बर्फबारी: ऊंचे हिमालयी क्षेत्रों (3300 मीटर+) में ताजा बर्फबारी से तापमान में भारी गिरावट आएगी।
रविवार और सोमवार (5-6 अप्रैल)
रविवार, 5 अप्रैल को भी राहत की उम्मीद नहीं है। पूरे राज्य में हल्की से मध्यम वर्षा का क्रम बना रहेगा। सोमवार, 6 अप्रैल को पैटर्न में थोड़ा बदलाव आएगा लेकिन बारिश थमेगी नहीं। इस दिन भी पांच मुख्य पहाड़ी जिलों में 3300 मीटर से ऊपर बर्फ गिरेगी, जबकि शेष पहाड़ी और मैदानी इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की जाएगी।
नए पश्चिमी विक्षोभ का असर
मंगलवार, 7 अप्रैल को उत्तरकाशी से लेकर पिथौरागढ़ तक के बेल्ट में मौसम सक्रिय रहेगा। 3500 मीटर से ऊंचे स्थानों पर हिमपात जारी रहेगा। वहीं, बुधवार 8 अप्रैल को एक बार फिर पूरे उत्तराखंड में बारिश का दौर देखा जाएगा। मैदानी इलाकों में बहुत हल्की बारिश होगी, लेकिन पहाड़ों पर ठंड का प्रकोप बढ़ जाएगा।
तापमान का ‘रोलर-कोस्टर’ राइड
मौसम विभाग ने तापमान को लेकर एक दिलचस्प पूर्वानुमान साझा किया है। अगले 24 से 48 घंटों में अधिकतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि होगी, जिससे दोपहर में हल्की गर्मी महसूस हो सकती है। हालांकि, उसके तुरंत बाद (अगले 2-3 दिनों में) बारिश और बर्फबारी के प्रभाव से पारा फिर से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस नीचे गिर जाएगा।
यात्रियों और किसानों के लिए जरूरी सलाह
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चारधाम की तैयारी: जो लोग केदारनाथ, बदरीनाथ या अन्य ऊंचे क्षेत्रों की यात्रा की योजना बना रहे हैं, वे भारी बर्फबारी और ठंड को देखते हुए पर्याप्त गर्म कपड़े साथ रखें।
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भूस्खलन का खतरा: लगातार हो रही बारिश से संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर पत्थर गिरने (Shooting Stones) की घटनाएं बढ़ सकती हैं, इसलिए संभलकर चलें।
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किसानों के लिए चेतावनी: पकी हुई फसलों को सुरक्षित रखें, क्योंकि ओलावृष्टि और तेज हवाओं से नुकसान की आशंका है।
साप्ताहिक मौसम चार्ट (संक्षेप):
| दिनांक | प्रभावित क्षेत्र | मुख्य चेतावनी |
| 3 अप्रैल | 12 जिले (US नगर छोड़कर) | हल्की से मध्यम वर्षा |
| 4 अप्रैल | पूरा उत्तराखंड | ऑरेंज अलर्ट (5 जिलों में) |
| 5 अप्रैल | सभी जिले | हल्की बारिश और बर्फबारी |
| 6-7 अप्रैल | पहाड़ी क्षेत्र | ऊंचाई पर भारी हिमपात |
| 8 अप्रैल | पूरे प्रदेश में | विदाई की बारिश |

