Nagarasu Gurudwara Dispute: नगरासू गुरुद्वारे में तीसरे दिन भी जारी गतिरोध, 40 घंटे बाद भी नहीं निकला समाधान, निहंगों की मांगों पर प्रशासन से वार्ता जारी
Nagarasu Gurudwara Dispute: Deadlock continues in Nagarasu Gurudwara for the third day, solution not found even after 40 hours, talks continue with the administration on the demands of Nihangs.
उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले स्थित नगरासू गुरुद्वारे में चल रहा विवाद तीसरे दिन भी पूरी तरह समाप्त नहीं हो पाया है। 40 घंटे से अधिक समय बीतने के बावजूद हालात सामान्य नहीं हो सके हैं। प्रशासन लगातार बातचीत के जरिए समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है, लेकिन छह निहंग सिख अब भी गुरुद्वारे की तीसरी और चौथी मंजिल पर मौजूद हैं। इस पूरे घटनाक्रम ने क्षेत्र में तनाव का माहौल पैदा कर दिया है और स्थानीय प्रशासन के लिए यह कानून-व्यवस्था के साथ-साथ धार्मिक संवेदनशीलता का भी अहम मुद्दा बन गया है।
क्या है Nagarasu Gurudwara Dispute की वजह?
बताया जा रहा है कि Nagarasu Gurudwara Dispute की जड़ 16 जून को कर्णप्रयाग में हुई तलवारबाजी की घटना से जुड़ी हुई है। उस मामले में चार निहंग सिखों को गिरफ्तार किया गया था। गुरुद्वारे में मौजूद छह निहंग अपने गिरफ्तार साथियों की रिहाई की मांग कर रहे हैं। इसी मांग को लेकर वे पिछले तीन दिनों से गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिलों पर डटे हुए हैं।
प्रशासन का कहना है कि निहंगों के साथ कई दौर की बातचीत हो चुकी है और वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। हालांकि अभी तक कोई अंतिम सहमति नहीं बन पाई है।
दो सेवादारों को बंधक बनाने और मारपीट के आरोप
Nagarasu Gurudwara Dispute के दौरान कुछ गंभीर आरोप भी सामने आए हैं। जानकारी के अनुसार, गुरुद्वारे के दो सेवादारों को कथित तौर पर बंधक बनाकर उनके साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट की गई। इसके अलावा परिसर में हथियार लहराने और आसपास के मकानों की ओर छत से ईंटें फेंकने की घटनाओं की भी शिकायत सामने आई है।
इन घटनाओं के बाद आसपास रहने वाले लोगों में भय का माहौल बन गया है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से जल्द से जल्द मामले का शांतिपूर्ण समाधान निकालने की मांग की है।
सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस और आईटीबीपी की तैनाती
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन, पुलिस और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवान लगातार मौके पर तैनात हैं। पूरे इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
प्रशासन का कहना है कि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचने के लिए पर्याप्त संख्या में सुरक्षाकर्मी लगाए गए हैं। अधिकारियों की प्राथमिकता है कि धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए विवाद का समाधान बातचीत के माध्यम से निकाला जाए।
वार्ता को लेकर प्रशासन आशावादी
हालांकि Nagarasu Gurudwara Dispute अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है, लेकिन प्रशासन को उम्मीद है कि बातचीत के जरिए जल्द ही गतिरोध खत्म हो सकता है। अधिकारियों के मुताबिक रविवार को निहंग प्रतिनिधियों के साथ लंबी बातचीत हुई थी और सोमवार को भी समाधान के लिए प्रयास जारी हैं।
प्रशासन का मानना है कि सभी पक्षों के सहयोग से मामला शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाया जा सकता है। इस बीच स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की गई है।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सीएम धामी से की बात
Nagarasu Gurudwara Dispute को लेकर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बातचीत की। भगवंत मान ने कहा कि मामले में सभी पक्षों की बात सुनने के बाद ही कोई फैसला किया जाना चाहिए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि विवाद का शांतिपूर्ण समाधान बेहद जरूरी है। साथ ही पंजाब के मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में रहने वाली सिख संगत को भरोसा दिलाया कि पंजाब सरकार हर संभव सहयोग के लिए तैयार है।
प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती
रुद्रप्रयाग का नगरासू गुरुद्वारा लंबे समय से श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र रहा है। ऐसे में Nagarasu Gurudwara Dispute प्रशासन के लिए एक संवेदनशील विषय बन गया है। एक ओर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है, वहीं दूसरी तरफ धार्मिक भावनाओं का सम्मान भी आवश्यक है।
फिलहाल पूरे इलाके में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन जब तक निहंग गुरुद्वारे की ऊपरी मंजिलों से नीचे नहीं आते और बातचीत का कोई ठोस निष्कर्ष नहीं निकलता, तब तक प्रशासन की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था जारी रहेगी।



