उत्तराखंड

Mussoorie Road Traffic Relief: देहरादून-मसूरी रोड पर दूसरे बेली ब्रिज से बड़ी राहत, खत्म हुई जाम की परेशानी

Mussoorie Road Traffic Relief: Major Relief on Dehradun-Mussoorie Road with the Second Bailey Bridge, Traffic Congestion Woes Come to an End.

देहरादून-मसूरी मार्ग पर लंबे समय से लगने वाले ट्रैफिक जाम से अब लोगों को बड़ी राहत मिलने लगी है। Mussoorie Road Traffic Relief के तहत शिव मंदिर के पास दूसरा बेली ब्रिज शुरू कर दिया गया है, जिससे यातायात व्यवस्था पहले की तुलना में काफी सुचारु हो गई है। पर्यटन सीजन और चारधाम यात्रा के दौरान इस सड़क पर वाहनों का दबाव कई गुना बढ़ जाता है। ऐसे में एक ही पुल के सहारे ट्रैफिक संचालन बड़ी समस्या बन गया था। लेकिन अब दूसरा बेली ब्रिज शुरू होने के बाद वाहन बिना रुके आसानी से गुजर रहे हैं।

एक पुल पर निर्भर था पूरा ट्रैफिक

Mussoorie Road Traffic Relief से पहले यहां की स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण थी। सितंबर 2025 में हुई भारी बारिश ने देहरादून और आसपास के क्षेत्रों में काफी नुकसान पहुंचाया था। इसी दौरान शिव मंदिर के पास बना पुराना पुल तेज बहाव में क्षतिग्रस्त हो गया था।

पुल टूटने के बाद लोक निर्माण विभाग ने अस्थायी समाधान के तौर पर एक बेली ब्रिज बनाया था। तब से मसूरी और देहरादून के बीच आने-जाने वाला पूरा ट्रैफिक उसी एक पुल पर निर्भर था।

इस कारण अक्सर लंबा जाम लग जाता था, खासकर वीकेंड और छुट्टियों के दौरान हालात बेहद खराब हो जाते थे।

वीकेंड पर घंटों फंसते थे लोग

स्थानीय निवासियों और पर्यटकों के लिए Mussoorie Road Traffic Relief बेहद जरूरी हो गया था। लोगों का कहना था कि छुट्टियों और पर्यटन सीजन में घंटों तक जाम में फंसे रहना आम बात बन चुकी थी।

एक तरफ से वाहनों को रोका जाता और दूसरी तरफ से निकाला जाता था, जिससे यातायात की गति बेहद धीमी हो जाती थी। कई बार एम्बुलेंस और जरूरी सेवाओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ता था।

दूसरे बेली ब्रिज से बदली तस्वीर

अब Mussoorie Road Traffic Relief के तहत दूसरे बेली ब्रिज के शुरू होने से तस्वीर पूरी तरह बदलती नजर आ रही है। दोनों दिशाओं में अलग-अलग ट्रैफिक चलने से वाहन तेजी से गुजर रहे हैं और जाम की स्थिति लगभग खत्म हो गई है।

मौके पर पहुंचे लोगों का कहना है कि अब यात्रा पहले की तुलना में काफी आसान हो गई है। देहरादून से मसूरी जाने वाले पर्यटकों को भी राहत मिली है।

पर्यटन और चारधाम यात्रा को मिलेगा फायदा

मसूरी उत्तराखंड के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में से एक है। वहीं चारधाम यात्रा के दौरान भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस मार्ग का उपयोग करते हैं। ऐसे में Mussoorie Road Traffic Relief का सीधा फायदा पर्यटन और यात्रा व्यवस्थाओं को मिलेगा।

पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि सड़क पर जाम कम होने से पर्यटकों का अनुभव बेहतर होगा और स्थानीय व्यवसायों को भी लाभ मिलेगा।

जल्द बनेगा स्थायी RCC पुल

लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों के अनुसार, अभी दोनों बेली ब्रिज अस्थायी समाधान हैं। Mussoorie Road Traffic Relief को स्थायी रूप से मजबूत करने के लिए यहां एक नया RCC पुल बनाया जा रहा है।

देहरादून के सुपरिटेंडेंट इंजीनियर ओम पाल सिंह ने बताया कि मौजूदा बेली ब्रिज के डाउनवर्ड में लगभग 60 मीटर स्पान का RCC ब्रिज तैयार किया जा रहा है। इस परियोजना पर करीब 12 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

आधुनिक तकनीक से तैयार होगा पुल

Mussoorie Road Traffic Relief परियोजना के तहत बनने वाला RCC पुल आधुनिक इंजीनियरिंग तकनीक से तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य भविष्य में भारी बारिश और प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी सुरक्षित और मजबूत यातायात व्यवस्था बनाए रखना है। अधिकारियों का कहना है कि पुल निर्माण कार्य तेजी से जारी है और इसे जल्द पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है।

RCC पुल बनने के बाद हटेंगे बेली ब्रिज

लोक निर्माण विभाग के मुताबिक, जैसे ही नया RCC पुल तैयार हो जाएगा, वर्तमान में लगाए गए दोनों बेली ब्रिज हटा दिए जाएंगे। Mussoorie Road Traffic Relief योजना के अंतर्गत इन बेली ब्रिजों का उपयोग भविष्य में अन्य जरूरत वाले क्षेत्रों में किया जा सकता है। इससे राज्य में आपदा के समय त्वरित राहत और वैकल्पिक यातायात व्यवस्था बनाने में मदद मिलेगी।

स्थानीय लोगों ने जताई खुशी

दूसरे बेली ब्रिज के शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों में खुशी का माहौल है। कई लोगों का कहना है कि लंबे समय बाद उन्हें जाम से राहत मिली है। व्यापारियों का मानना है कि Mussoorie Road Traffic Relief से पर्यटकों की संख्या में बढ़ोतरी होगी और कारोबार को भी फायदा पहुंचेगा।

बारिश के मौसम से पहले बड़ी तैयारी

उत्तराखंड में मानसून के दौरान सड़कें और पुल अक्सर चुनौतियों का सामना करते हैं। ऐसे में Mussoorie Road Traffic Relief को लेकर सरकार और प्रशासन पहले से तैयारियां कर रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि स्थायी RCC पुल बनने के बाद यह मार्ग अधिक सुरक्षित और मजबूत हो जाएगा, जिससे भविष्य में लोगों को परेशानी का सामना कम करना पड़ेगा।

 

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